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भारत को अत्याधिक मात्रा में जल विद्युत संभाव्यता का वरदान मिला है और वैश्विक परिदृश्य में दोहन योग्य जल विद्युत संभाव्यता की दृष्टि से भारत का 5 वां स्थान है । सीईए के अनुमान के अनुसार भारत में मितत्ययी तरीके से दोहन योग्य 148700 मेगावाट संस्थापित क्षमता के स्तर की जल विद्युत संभाव्यता विद्यमान है । बेसिनवार संभावित क्षमता निम्नानुसार है -
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घाटी/नदी |
संभावित संस्थापित क्षमता (मेगावाट) |
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सिंघु घाटी |
33,832 |
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गंगा घाटी |
20,711 |
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केंद्रीय भारत नदी तंत्र |
4,152 |
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दक्षिण भारत से पश्चिम की ओर बहने वाली नदियां |
9,430 |
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दक्षिण भारत की पूरब को बहने वाली नदियां |
14,511 |
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ब्रह्मपुत्र घाटी |
66,065 |
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कुल |
1,48,701 |
इसके अतिरिक्त 94000 मेगावाट संभावित संस्थापित क्षमता वाली 56 पम्पड स्टोरेज परियोजनाओं की भी पहचान की गई है । इसके अतिरिक्त 1512 स्थलों पर लघु, मिनी तथा माइक्रो योजनाए हैं जिनकी क्षमता 6782 मेगावाट होने का अनुमान है । इस प्रकार समग्र रूप में भारत में लगभग 250,000 मेगावाट की जल विद्युत संभाव्यता विद्यमान है । तथापि इस क्षेत्र में आने वाली विभिन्न बाधाओं के चलते अपेक्षित स्तर तक जल विद्युत संभाव्यता का दोहन नहीं किया जा सका है ।
वर्ष 1998 में भारत सरकार द्वारा "जल विद्युत विकास पर नीति " घोषित की गई जिसके तहत देश में जल विद्युत विकास को प्रोत्साहित किया गया है । यह एक स्वागत योग्य कदम था जिससे हमारे जल संसाधनों का जल विद्युत विकास के लिए प्रभावी उपयोग हो सकेगा । अक्तूबर 2001 में केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (सीईए) रैंकिग अध्ययन को सामने लाया गया जिसमें भविष्य में क्रियान्वयन योग्य परियोजनाओं को प्राथमिकता के अनुसार रैंक प्रदान किया गया था । इस अध्ययन के अनुसार 106910 मेगावाट समेकित संस्थापित क्षमता वाली 399 जल विद्युत योजनाओं को उनकी आपसी आकर्षकता के अनुसार ए, बी, सी रैंक दिया गया है । मई 2003 के दौरान भारत सरकार द्वारा 50000 मेगावाट जल विद्युत के लिए पहल शुरू की गई जिसके अंतर्गत सीईए ने विभिन्न एजेंसियों के माध्यम से 50000 मेगावाट कुल क्षमता वाली 162 परियोजनाओं की पूर्व व्यवहार्यता रिपोर्ट तैयार करवाने का कार्य अपने हाथ में लिया । इन सभी परियोजनाओं की पीएफआर पहले से ही तैयार की जा चुकी है तथा कम टैरिफ (प्रथम वर्ष का टैरिफ 2.50/- रूपए केडब्ल्यूएच से कम) वाली परियोजनाओं की डीपीआर तैयार करने हेतु चिन्हित किया गया है ।
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