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मुख्य बातें
वार्षिक समीक्षा

जनवरी 2012
श्री ए.बी.एल. श्रीवास्तव, अध्यक्ष व प्रबंध निदेशक, एनएचपीसी और श्री डी.पी. भार्गव, निदेशक (तकनीकी) ने दिनांक 28.01.2012 को अरूणाचल प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री श्री नाबम तुकी से मुलाकात कर राज्य में जलविद्युत परियोजनाओं से संबंधित मामलों पर चर्चा की|
राजभाषा के प्रचार-प्रसार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से दिनांक 20.01.2012 को नई दिल्ली के एनसीयूआई ऑडिटोरियम में "अखिल भारतीय कवि सम्मेलन" का आयोजन किया गया| सुप्रसिद्घ हिंदी कवियों ने अपने -अपने कविता पाठ से श्रोताओं को मंत्र् मुग्ध किया|
पावर स्पोर्ट्रस कंट्रोल बोर्ड के तत्वाधान में एनएचपीसी ने अंतर केंद्रीय विद्युत क्षेत्र् उपक्रम ब्रिज एवं शतरंज प्रतियोगिता की फरीदाबाद में 21 से 23 जनवरी 2012 तक मेजबानी की, जिसमें एनएचपीसी कर्मचारियों ने विभिन्न एकल एवं टीम प्रतिस्पधाओ में भाग लिया| एनएचपीसी को ब्रिज प्रतिस्पधाओ में "बेस्ट पेयर" का पुरस्कार प्राप्त हुआ|
निगम मुख्यालय के प्रागंण में देशभक्ति के जज्बे़ के साथ 63वां गणतंत्र् दिवस मनाया गया|
एनएचपीसी के सभी पावर स्टेशनों से माह जनवरी 2012 तक 16529 मिलियन यूनिट के लक्ष्य के मुकाबले 16789 मिलियन यूनिट का संचयी विद्युत उत्पादन हुआ है|
श्री ए.बी.एल. श्रीवास्तव, अध्यक्ष व प्रबंध निदेशक, एनएचपीसी और श्री जे.के. शर्मा, निदेशक (परियोजनाएं) ने दिनांक 20.01.2012 को असम के माननीय विद्युत मंत्री श्री प्रद्रयुत बोरदोलोई से नई दिल्ली में मुलाकात कर सुबानसिरी लोअर परियोजना में चल रहे हालात और उसके कारण हो रहे प्रभाव के बारे में अवगत कराया|
माननीय संसद सदस्य श्री वी.पी. सिंह बदनौर की अध्यक्षता में ऊर्जा की स्थायी संसदीय समिति ने दिनांक 11.01.2012 को गोवा में अध्ययन दौरा किया| समिति ने अध्यक्ष व प्रबंध निदेशक और निदेशक (कार्मिक) से केंद्रीय क्षेत्र्, विशेषकर एनएचपीसी के संदर्भ में क्षमता अभिवृद्घि कार्यक्रम की स्थिति के बारे में चर्चा की| एनएचपीसी द्वारा इस विषय पर दी गई विस्तृत प्रस्तुति को समिति के सदस्यों ने सराहा|
निदेशक मंडल ने दिनांक 27.01.2012 को आयोजित अपनी बैठक में 31.12.2011 को समाप्त तिमाही और नौ माह की अवधि के लिए अपरिक्षित वित्तीय परिणामों को स्वीकार कर लिया है, जो क्रमश: 862.02 करोड़ रूपये तथा 4124.08 करोड़ रूपये शुद्घ बिक्री कारोबार एवं क्रमश: 212.18 करोड़ रूपये और 1969.70 करोड़ रूपये शुद्घ मुनाफा रहा है|
दिसम्बर 2011
राष्ट्रीय ऊर्जा बचत अभियान के तहत एनएचपीसी ने अरूणाचल प्रदेश, जम्मू व कश्मीर, मणिपुर, मध्य प्रदेश और सिक्किम के पांच राज्यों में राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित चित्र्कला प्रतियोगिता का समन्वय किया| माननीय प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने 14.12.2011 को राष्ट्रीय स्तर के विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए|
अध्यक्ष व प्रबंध निदेशक, एनएचपीसी और श्री आर.एस. मीना, निदेशक (कार्मिक) ने 15.12.2011 को चमेरा-||| परियोजना का दौरा किया और परियोजना की निर्माणाधीन गतिविधियों की समीक्षा की| वे चमेरा-|| और सेवा-|| पावर स्टेशनों का भी 16.12.2011 को दौरा किया और वहां चल रहे प्रचालन व रख-रखाव कार्यों का निरीक्षण किया|
अध्यक्ष व प्रबंध निदेशक, एनएचपीसी और श्री आर.एस. मीना, निदेशक (कार्मिक) ने उत्तराखड के माननीय मुख्यमंत्री मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) भुवन चंद्र खंडूरी से 18.12.2011 को मुलाकात की और उत्तराखंड में नई परियोजनाओं पर चर्चा की|
राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के माननीय सदस्यों ने एनएचपीसी कार्यालय परिसर का 20.12.2011 को दौरा किया|
विद्युत मंत्रलय के संयुक्त सचिव (हाइड्रो) ने 28.12.2011 को एनएचपीसी निगम मुख्यालय का दौरा किया और निर्माणाधीन परियोजनाओं के निष्पादन की समीक्षा की| केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण, पीपीएमपी और भेल के प्रतिनिधि भी इस बैठक में उपस्थित थे| संयुक्त सचिव (हाइड्रो) को एनएचपीसी के विभिन्न विभागों के कार्यों से भी अवगत कराया गया| परिकल्पना से लेकर संचालन तक जलविद्युत विकास के विभिन्न पहलुओं पर एक प्रस्तुति भी दी गई|
भारत रत्न बाबा साहिब डॉ. भीमराव अंबेडकर को महापरिनिर्वाण दिवस पर 06.12.2011 को श्रद्घांजलि दी गई|
एनएचपीसी ने सिक्किम के माननीय मुख्यमंत्री डॉ. पवन कुमार चामलिंग को 02.12.2011 को "मुख्यमंत्री राहत कोष" में सिक्किम में 18.09.2011 को आए भूकंप की पीडि़तों की सहायता के लिए योगदान के तौर पर 7 करोड़ रूपये का चैक प्रदान किया|
श्री जी. साई प्रसाद, आई.ए.एस. ने विद्युत मंत्रलय में संयुक्त सचिव (हाइड्रो) का पदभार ग्रहण कर लिया है और उन्हें हमारे बोर्ड में नामित किया गया है|
नवम्बर 2011
एनएचपीसी ने राष्ट्र सेवा के 36 महत्वपूर्ण वर्ष पूरे करने पर 07 नवंबर 2011 को अपना 37वां स्थापना दिवस मनाया| पूरे निगम में स्थापना दिवस पूरे उत्साह और उल्लास के साथ मनाया गया| निगम मुख्यालय में समारोह का आयोजन सिरिफोर्ट ऑडिटोरियम, नई दिल्ली में किया गया, जिसमें मुख्य अतिथि के तौर पर भारत सरकार के सचिव (विद्युत), श्री पी. उमा शंकर ने समारोह की शोभा बढ़ाई| एनएचपीसी और उनके परिवार के सदस्यों सहित अनेक गणमान्य व्यक्तियों ने समारोह में अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज की|
एनएचपीसी को पावर क्षेत्र् के संगठनों के बीच राजभाषा में सर्वश्रेष्ठ कार्यान्वयन निष्पादित करने पर वर्ष 2010-11 के लिए प्रथम पुरस्कार प्रदान किया गया| माननीय केंद्रीय विद्युत मंत्री श्री सुशीलकुमार शिंदे के कर-कमलों से औरंगाबाद, महाराष्ट्र में आयोजित एक कार्यक्रम में श्री ए.बी.एल. श्रीवास्तव, अध्यक्ष व प्रबंधक निदेशक, एनएचपीसी और श्री आर.एस. मीना, निदेशक (कार्मिक) ने "एनटीपीसी राजभाषा शील्ड" और प्रशंसा-पत्र् प्राप्त किया|
विद्युत मंत्रालय को अंतर्राष्ट्रीय औद्योगिक व्यापार मेला-2011 में, जिसका आयोजन 14 से 27 नवंबर, 2011 को नई दिल्ली में किया गया, मंत्रालयों और विभागों पैवेलियन श्रेणी के अंतर्गत "सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन" के लिए रजत पदक से सम्मानित किया गया| उल्लेखनीय है कि इस मेले के लिए एनएचपीसी को नोडल एजेंसी नियुक्त किया गया था|
श्री तिरूची शिवा, माननीय संसद सदस्य की अध्यक्षता में उद्योग की संसदीय स्थायी समिति ने दिनांक 12.11.2011 को पोर्ट ब्लेयर में अध्ययन दौरा किया| समिति ने तकनीकी उन्नयन और अनुसंधान के विकास पर ज़ोर देते हुए समझौता-ज्ञापन निष्पादन के मामलों पर विचार विमर्श किया| समिति ने एनएचपीसी द्वारा की गई विस्तृत प्रस्तुति की सराहना की| श्री डी.पी. भार्गव, निदेशक (तकनीकी) ने संसदीय समिति के समक्ष एनएचपीसी का प्रतिनिधित्व किया|
अध्यक्ष व प्रबंधक निदेशक, एनएचपीसी श्री ए.बी.एल. श्रीवास्तव ने श्री के.सी. वेणुगोपाल, माननीय विद्युत राज्य मंत्री की अध्यक्षता में शिलांग में 04.11.2011 को आयोजित विद्युत मंत्रालय की संसदीय-सदस्यों पर आधारित सलाहकार समिति की बैठक में भाग लिया|
चुटक जलविद्युत परियोजना की प्रथम यूनिट को 06.11.2011 को मांग-अनुसार लोड पर डाल दिया गया है| एनएचपीसी को अन्य परियोजनाओं को भी वर्तमान योजना अवधि में पूरा करना है|
पार्बती-|| जलविद्युत परियोजना में दिनांक 21.11.2011 को सिल्ट फ्लशिंग टनल 1,2 व 3 की कंक्रीट लाइनिंग को पूरा करने का समझौता-ज्ञापन लक्ष्य को उत्कृष्ट रेटिंग के साथ हासिल कर लिया गया है|
एनएचपीसी ने 10 से 13 नवंबर, 2011 के बीच म्यांमार, यंगून में भारतीय उद्योग संघ (सीआईआई) द्वारा आयोजित "इंटरप्राइज इंडिया शो-2011" में भाग लिया| श्री यू. विन मिन्ट, माननीय वाणिज्य मंत्री, म्यांमार ने एनएचपीसी की गतिविधियों और उपलब्धियों को दर्शाते पैवेलियन का उद्रघाटन म्यांमार सरकार के वरिष्ठ मंत्रियों और अधिकारियों तथा भारत व म्यांमार के अन्य प्रतिष्ठित उद्योगपतियों की उपस्थिति में किया|
एनएचपीसी के नेतृत्व में नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति (नराकास), फरीदाबाद द्वारा आयोजित हिंदी प्रतियोगिताओं को संपन्न किया गया| एनएचपीसी कार्यालय में 24.11.2011 को नराकास बैठक का आयोजन किया गया और इस अवसर पर मैंने विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कार देकर सम्मानित किया और "नगर सौरभ" पत्रिका का विमोचन किया|
नवंबर, 2011 माह के दौरान एनएचपीसी के सभी पावर स्टेशनों ने समेकित रूप से 15202 मिलियन यूनिट लक्ष्य की तुलना में 15657 मिलियन यूनिट विद्युत का उत्पादन किया|
अक्तूबर 2011
एनएचपीसी ने वर्तमान वित्तीय वर्ष में 30 सितम्बर 2011 को समाप्त छमाही के दौरान 1757.5 करोड़ रूपये का शुद्ध लाभ अर्जित किया है जोकि पिछले वर्ष की इसी अवधि के दौरान 1227.6 करोड रूपये की तुलना में 43% अधिक है | दिनांक 31.अक्तूबर 2011 को मुम्बई में विश्लेषकों की एक बैठक का आयोजन किया गया जिसमें विश्लेषकों तथा निवेशकों के समक्ष कंपनी का कार्यनिष्पादन प्रस्तुत किया गया | विश्लेषकों ने निवेशकों के नजरिए से परियोजनाओं के संचालन में विलंब को चिंताजनक बताया।
एनएचपीसी ने दिनांक 22.10.2011 को नई दिल्ली में मणीपुर राज्य में 1500 मेगावाट की तिपाईमुख जल विद्युत (बहुउददेषीय) परियोजना के क्रियान्वयन के लिए मणीपुर राज्य सरकार तथा एसजेवीएन लिमिटेड के साथ प्रमोटर्स के समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर माननीय विद्युत मंत्री भारत सरकार श्री सुशीलकुमार शिंदे एवं मणीपुर राज्य के माननीय मुख्य मंत्री श्री ओ इबोबी सिंह तथा सचिव (विद्युत)श्री उमाशंकर एवं श्री डी.एस.पूनिया प्रमुख सचिव मणीपुर सरकार की उपस्थिति में अध्यक्ष व प्रबंध निदेशक, एनएचपीसी ने मणीपुर राज्य के प्रमुख सचिव (विद्युत) श्री एल. पी गोनमई तथा श्री आर पी सिंह अध्यक्ष एवं प्रबन्ध निदेशक एसजेवीएनएल के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए।
एनएचपीसी को नेशनल सेफ्टी काऊंसिल आफ इंडिया द्वारा जारी एनएससीआई सैफ्टी एवार्ड - 2010 के लिए निर्माण क्षेत्र् में "प्रशंसा पत्र " प्रदत्त किया गया तथा समीक्षाधीन वर्ष 2009 के लिए निम्मो-बाज़गो परियोजना में प्रभावशाली प्रबंधन नीति प्रक्रिया की पहचान करने, उसे विकसित करने तथा व्यवसायिक सुरक्षा एवं स्वास्थ्य आदि में उसे लागू करने हेतु प्रशंसा पत्र प्रदान किया गया | यह अवार्ड दिनांक 19.10.2011 को नई दिल्ली में आयोजित एनएससीआई के राष्ट्रीय सम्मेलन तथा एवार्ड, समारोह के दौरान एनएससीआई के अध्यक्ष श्री वैणु श्रीनिवासन के कर-कमलों से माननीय केंद्रीय श्रम व रोजगार मंत्री श्री मल्लिकार्जुन खार्गे की उपस्थिति में एनएचपीसी की ओर से निदेशक (कार्मिक) श्री आर.एस. मीना ने प्राप्त किया |
माननीय संसद सदस्य श्री अधीर रंजन चौधरी की अध्यक्षता में ऊर्जा संबंधी स्थाई संसदीय समिति ने दिनांक 20.10.2011 को श्रीनगर में अध्ययन दौरा किया | इस दौरान इस समिति ने जम्मू व कश्मीर राज्य में जल विद्युत क्षेत्र् से विद्युत उत्पादन के संदर्भ में अध्यक्ष व प्रबंध निदेशक, एनएचपीसी तथा मंत्रालय के प्रतिनिधियों के साथ विचार-विमार्श किया | समिति ने देश में जल विद्युत विकास के लिए हमारी कंपनी की उल्लेखनीय भूमिका की प्रशंसा की |
अध्यक्ष व प्रबंध निदेशक, एनएचपीसी ने निदेशक (तकनीकी) सहित नई में दिनांक 21.10.2011 को माननीय मुख्य मंत्री सिक्किम के साथ बैठक की | बैठक के दौरान आपसी हितों के मुद्दों पर चर्चा हुई जिनमें राज्य में वर्तमान में एनएचपीसी द्वारा संचालित परियोजनाओं के क्रियान्वयन पर विचार-विमर्श किया गया |
सितम्बर 2011 से अक्तूबर, 2013 की अवधि के लिए अध्यक्ष व प्रबंध निदेशक, एनएचपीसी को बोर्ड ऑफ इंटरनेशनल हाइड्रो पावर एसोसिएयशन में एशिया एक क्षेत्र के प्रतिनिधि के तौर चुना गया है जिसमे भारत सहित 25 राष्ट्र शामिल हैं | आईएचए की विश्व में अक्षुण्य जल विद्युत विकास के तौर पर पहचान बनी हुई है |
निम्मो बाजगो जलविद्युत परियोजना में दिनांक 21.10.2011 को द्वितीय चरण के नदी के बहाव को सफलतापूर्वक मोड़ दिया गया है |
दिनांक 13.10.2011 के पत्र् द्वारा पर्यावरण व वन मंत्रालय ने कोटलीभेल (195 मेगावाट) चरण-| ए को वन मंजूरी प्रदान कर दी है |
केन्द्रीय विद्युत प्राधिकरण ने अपने दिनांक10.10.2011 के कार्यालय ज्ञापन द्वारा तवांग-| (600 मेगावाट)जलविद्युत परियोजना को सहमति प्रदान कर दी है |
एनएचपीसी ने विद्युत मंत्रालय एवं फिक्की द्वारा दिनांक 12 से 14 अक्तूबर 2011 तक नई दिल्ली में आयोजित इन्डिया इलेक्ट्रिसिटी 2011 प्रदर्शनी में एनएचपीसी ने भाग लिया | इस प्रदर्शनी का उदघाटन माननीय केन्द्रीय विद्युत मंत्री श्री सुशीलकुमार शिंदे द्वारा किया गया था |
अन्तर पावर सार्वजनिक क्षेत्र् के उपक्रमों क्विज प्रतियोगिता ‘क्विजिंग टू एक्सीलैंस (क्यू.2ई) 2011’ जोकि पावर एचआर फोरम द्वारा दिनांक 14.10.2011 को आयोजित की गई थी, में पुरुषों के लिए आयोजित बिजनैस क्विज एवं महिलाओं के लिए आयोजित प्रबन्ध क्विज में एनएचपीसी के प्रतिभागियों ने क्रमश: प्रथम एवं द्वितीय स्थान प्राप्त किया है |
एनएचपीसी के सभी पावर स्टेशनों से माह अक्तूबर,2011 तक 1384 मिलियन यूनिट (एमयू) के लक्ष्य के मुकाबले 1419 मिलियन यूनिट (एमयू) संचयी विद्युत उत्पादन हुआ |
पूरे संगठन में दिनांक 31 अक्तूबर,2011 से 5 नवम्बर,2011 तक सतर्कता जागरूकता सप्ताह मनाया गया |
सितम्बर 2011
भारत सरकार को वित्तीय वर्ष 2010-11 के लिए दिए गए 637.40 करोड़ रूपये सहित शेयरधारकों को 738.04 करोड़ रूपये का लाभांश दिया गया है| इस लाभांश का सरकार के हिस्से की प्रतिकृति 29.09.2011 को माननीय केंद्रीय विद्युत मंत्री, श्री सुशीलकुमार शिंदे को सचिव (विद्युत), भारत सरकार तथा विद्युत मंत्रालय व एनएचपीसी के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में सौंपी गई| कंपनी के वज़ूद में आने के बाद से यह अभी तक का सबसे अधिक लाभांश है|
एनएचपीसी को "क" क्षेत्र् में सार्वजनिक क्षेत्र् के उपक्रमों के बीच राजभाषा कार्यान्वयन के क्षेत्र् में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए गृह मंत्रालय, भारत सरकार ने "प्रथम पुरस्कार" प्रदान किया गया है| यह पुरस्कार अध्यक्ष व प्रबंध निदेशक, एनएचपीसी ने भारत की महामहिम राष्ट्रपति श्रीमति प्रतिभा देवीसिंह पाटिल से विज्ञान भवन, नई दिल्ली में 14.09.2011 को आयोजित पुरस्कार समारोह में प्राप्त किया|
निगम में 01 से 14 सितंबर 2011 को हिंदी पखवाड़ा मनाया गया|
एनएचपीसी को मिनि रत्न श्रेणी के अंतर्गत पीएसई एक्सिलेंस अवार्ड्स -2011 में "बेस्ट ह्रयुमन रिसोर्स मैनेजमेंट अवार्ड" प्रदान किया गया| अध्यक्ष व प्रबंध निदेशक, एनएचपीसी ने यह अवार्ड नई दिल्ली में 19.09.2011 को आयोजित पीएसई एक्सिलेंस अवार्ड्रस 2011 समारोह में सार्वजनिक उद्यम विभाग के सचिव महोदय के कर-कमलों से प्राप्त किया|
सिक्किम और पश्चिम बंगाल राज्य 18.09.2011 की सांय को आए विध्वंशकारी भूकंप से बुरी तरह से प्रभावित हुए हैं| सौभाग्य से कुछ इमारतों और सड़कों को हुए नुकसान को छोड़कर, एनएचपीसी पावर स्टेशनों और परियोजनाओं के मुख्य ढ़ांचों को कोई नुकसान नहीं हुआ है| भूकंप आने के 6-8 घंटों के भीतर ही एनएचपीसी के तीस्ता- V और रंगित पावर स्टेशनों से पुन: बिजली उत्पादन प्रारंभ हो गया था| एनएचपीसी राज्य प्रशासन के साथ तालमेल बैठाकर स्थानीय लोगों के बचाव और उनकी राहत व मदद संचालनों में अपना हर संभव सहयोग दे रही है|
जम्मू व कश्मीर के कारगिल क्षेत्र् में चुटक जलविद्युत परियोजना की यूनिट-1 को मैकेनिकल स्पिन करने का कार्य 29.09.2011 को सफलतापूर्वक संपन्न हो गया है|
चमेरा-||| जलविद्युत परियोजना के जलाशय में जलभराव कार्य 29.09.2011 को प्रारंभ हो गया है|
केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (सीईए) ने 800 मेगावाट की तवांग-|| जलविद्युत परियोजना के लिए 22.09.2011 को अपनी सहमति प्रदान कर दी है| अरूणाचल प्रदेश सरकार ने तवांग-| और || जलविद्युत परियोजनाओं की वन-मंजूरी के लिए क्रमश: 21 व 22 सितंबर, 2011 को वन-प्रस्ताव पर्यावरण व वन मंत्रालय, भारत सरकार को भिजवा दिए है|
एनएचपीसी के सभी पावर स्टेशनों से माह सितंबर, 2011 तक 12977 मिलियन यूनिट के लक्ष्य के मुकाबले 13372 मिलियन यूनिट संचयी विद्युत उत्पादन हुआ है|
पश्चिम बंगाल की माननीय मुख्यमंत्री कुमारी ममता बनर्जी ने उत्तर बंगाल के भूकंप प्रभावित क्षेत्रें के अपने दौरे के दौरान 19.09.2011 को सिलीगुड़ी का दौरा किया था| इस दौरान सिलीगुड़ी में एनएचपीसी गेस्टहाउस में उनके संक्षिप्त ठहराव के समय उन्हंि टीएलडीपी-||| और IV परियोजनाओं की प्रगति से अवगत कराया गया|
हेग में स्थित स्थायी मध्यस्थ न्यायालय ने किशनगंगा परियोजना के संबंध में 23.09.2011 को अंतरिम उपायों के तौर पर एक आदेश पारित किया है| इस आदेश के अनुसार जल संचालन प्रणाली, नदी तल के नीचे से अस्थायी बाईपास सुरंग की खुदाई और बांध की उप-सतही नींव का परियोजना निर्माण कार्य जारी रह सकता है|
अगस्त 2011
अध्यक्ष व प्रबंध निदेशक, एनएचपीसी, निदेशक (तकनीकी) को साथ लेकर असम के माननीय मुख्यमंत्री श्री तरूण गोगोई के साथ असम भवन में 05.08.2011 को एक बैठक की, जिसमें सुबानसिरि लोअर जलविद्युत परियोजना के कार्यान्वयन के संबंध में चर्चा की गई|
अध्यक्ष व प्रबंध निदेशक, एनएचपीसी, निदेशक (कार्मिक) के साथ भूटान शाही सरकार के सचिव (आर्थिक मामले) श्री सोनम शेरिंग और प्रबंध निदेशक (डीजीपीसी) श्री छेवांग रिनजिन से 670 मेगावाट की चमखरछू-| जलविद्युत परियोजना और भूटान में आगामी वाणिज्यिक विकास के संबंध में नई दिल्ली में 18.08.2011 को विचार-विमर्श किया|
उड़ी-II जलविद्युत परियोजना में प्रारंभिक जलाशय में पानी भराई का कार्य 18.08.2011 को पूरा हो गया है| इस परियोजना के लिए सिंधु जल संधि के अनुसार 20.08.2011 तक तय की गई समय-सीमा को ध्यान में रखते हुए यह उपलब्धि हासिल की गई है|
चुटक जलविद्युत परियोजना में प्रारंभिक पानी भराई का कार्य 20.08.2011 को पूरा कर लिया गया है|
परियोजना/पावर स्टेशनों के दूर-दराज में स्थित होने के बावजूद एनएचपीसी को आर.टी.आई आवेदनों के निपटान करने में आरटीआई आवेदन प्राप्तकर्ता दस उच्चतम लोक-प्राधिकारों के बीच प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है|
एनएचपीसी के सभी पावर स्टेशनों ने मिलकर माह अगस्त, 2011 तक 10824 मिलियन यूनिट के लक्ष्य की तुलना में 11139 मिलियन यूनिट बिजली उत्पादन किया है|
कंपनी की 35वीं वार्षिक साधारण आमबैठक फरीदाबाद में 19.09.2011 को करने का कार्यक्रम है| एनएचपीसी ने इलैक्ट्रॉनिक मोड के जरिये कारपोरेट गर्वनेंस के अंतर्गत कॉर्पोरेट कार्य मंत्रालय के पर्यावरण को हरित बनाए रखने संबंधी पहलुओं में अपने को भागीदार करते हुए पेपर-रहित कार्य करने की अनुमति देने का निर्णय लिया है| इससे पेपर के उपयोग में कमी लाई जा सकेगी, जिससे पर्यावरण को और बेहतर बनाने में एनएचपीसी का भी योगदान होगा|
एनएचपीसी को गृह मंत्रलय, भारत सरकार द्वारा वर्ष 2009-10 के लिए क क्षेत्र् में स्थित सार्वजनिक क्षेत्र् के उपक्रमों में राजभाषा कार्यान्वयन में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए इंदिरा गांधी राजभाषा पुरस्कार के अंतर्गत प्रथम पुरस्कार प्रदान करने के लिए चुना गया है| यह पुरस्कार भारत की महामहिम राष्ट्रपति श्रीमति प्रतिभा देवीसिंह पाटिल द्वारा दिनांक 14 सितंबर 2011 को हिंदी-दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में प्रदान किया जाएगा|
एनएचपीसी ने वर्तमान वित्तीय वर्ष की प्रथम तिमाही में कर-पश्चात 791 करोड़ रूपये का लाभ अर्जित किया है, जो गत वर्ष की इसी तिमाही के 537 करोड़ रूपये की तुलना में 47 प्रतिशत अधिक है| बिजली उत्पादन की 5679 मिलियन यूनिट के समझौता-ज्ञापन में दिए गए उत्कृष्ट लक्ष्य को 10.7 प्रतिशत की वृद्घि के साथ 6284 मिलियन यूनिट बिजली उत्पादन किया है और यह वित्तीय वर्ष 2010-11 की प्रथम तिमाही के दौरान प्राप्त 5689 मिलियन यूनिट बिजली उत्पादन के लक्ष्य से 10.5 प्रतिशत अधिक है|
जुलाई 2011
अध्यक्ष व प्रबंध निदेशक, एनएचपीसी, निदेशक (तकनीकी) के साथ एनएचपीसी के निगम मुख्यालय में कोरिया गणराज्य से पधारे व्यापार-प्रतिनिधि मंडल से 12.07.2011 को मुलाकात कर आपसी हित और व्यापारिक संवर्धन की संभावनाओं पर चर्चा की|
ननीय संसद सदस्या श्रीमती चंद्रेश कुमारी कटोच की अध्यक्षता में महिला अधिकारिता पर गठित संसदीय समिति ने श्रीनगर, जम्मू व कश्मीर में 25.07.2011 को एनएचपीसी में महिला कार्मिकों की कार्य परिस्थितियों पर एक पारस्परिक बैठक आयोजित की| एनएचपीसी ने इस समिति के सम्मुख एक विस्तृत प्रस्तुति दी, जिसकी समिति ने प्रशंसा की| संसदीय समिति के सम्मुख श्री आर. एस. मीना, निदेशक (कार्मिक) ने एनएचपीसी का प्रतिनिधित्व किया|
अध्यक्ष व प्रबंध निदेशक, एनएचपीसी के प्रतिनिधि-मंडल एवं म्यांमार में भारतीय दूतावास के कौउंसलर को साथ लेकर नय पयी टाय, म्यांमार में 26.07.2011 को हाइड्रो पावर प्लानिंग विभाग के अधिकारियों और हाइड्रो पावर कार्यान्वयन, म्यांमार संघ सरकार के साथ एक बैठक की| इस दौरान श्री यू.जाव मिन, माननीय मंत्री, एमओईपी-I, म्यांमार संघ सरकार के साथ भी शिष्टाचार के नाते भेंट की|
श्री के.सी. वेणुगोपाल, माननीय विद्युत राज्य मंत्री, भारत सरकार ने लेह और अलैची का 25.07.2011 से 27.07.2011 तक दौरा किया| इस दौरान माननीय मंत्री महोदय ने जम्मू-कश्मीर सरकार के माननीय विद्युत राज्य मंत्री श्री शब्बीर अहमद खान और एनएचपीसी के निदेशक (तकनीकी), श्री डी.पी. भार्गव को साथ लेकर निम्मो-बाजगो परियोजना का दौरा किया| श्री वेणुगोपाल ने परियोजना के विभिन्न निर्माण स्थलों का दौरा किया और उन्होंने अलैची में सिन्धु नदी पर एनएचपीसी द्वारा निर्मित किए गए पुल का भी उद्रघाटन किया| उन्होंने एनएचपीसी द्वारा कारपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) के अंतर्गत कार्यान्वित कार्यों के लिए किए गए प्रयासों और परियोजना टीम द्वारा ऐसी विषम और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में किए जा रहे कार्यों की प्रशंसा की|
एनएचपीसी ने उड़ीसा में महानदी नदी घाटी में 300 मेगावाट की कुल क्षमता की तीन जलविद्युत परियोजनाओं सिन्डोल चरण-I, I I व I I I को विकसित करने के लिए उड़ीसा हाइड्रो पावर कारपोरेशन लिमिटेड और उड़ीसा सरकार के साथ एक संयुक्त उपक्रम कंपनी के गठन के लिए समझौता ज्ञापन पर 21.07.2011 को भुबनेश्वर में हस्ताक्षर किए हैं| इस समझौता ज्ञापन पर अध्यक्ष व प्रबंध निदेशक, एनएचपीसी उड़ीसा सरकार, ऊर्जा विभाग के आयुक्त एवं सचिव श्री जी. मथीवथनन्न और ओएचपीसी के प्रबंध निदेशक श्री एस. खटुआ ने उड़ीसा के माननीय मुख्यमंत्री श्री नवीन पटनायक की गरिमामयी उपस्थिति में हस्ताक्षर किए| इसके साथ ही एनएचपीसी ने उड़ीसा राज्य में जलविद्युत संभाव्यता के दोहन के लिए अपनी उपस्थिति दर्ज कर दी है|
जुन 2011
अध्यक्ष व प्रबंध निदेशक, एनएचपीसी, मुख्य सचिव, जम्मू व कश्मीर सरकार के साथ दिनांक 27.06.2011 को एक बैठक की, जिसमें उड़ी-I पावर स्टेशन के डाउनस्ट्रीम मे स्थित उड़ी-II परियोजना के समझौता-ज्ञापन पर यथा समय हस्ताक्षर करने के साथ-साथ इस राज्य में भविष्य में जलविद्युत विकास की आवश्यकता पर बल देते हुए निम्मो-बाजगो और दुलहस्ती चरण-II के डाउनस्ट्रीम में स्थित प्रस्तावित चार परियोजनाओं पर चर्चा करना भी शामिल था| अध्यक्ष व प्रबंध निदेशक, एनएचपीसी, जम्मू व कश्मीर के माननीय मुख्यमंत्री जी से भी भेंट की|
जम्मू व कश्मीर में पकल दुल, किरू और कवार परियोजनाओं के विकास के लिए गठित मैसर्स चिनाब वैली पावर प्रोजेक्ट्रस (प्राइवेट) लिमिटेड का पंजीकरण, कंपनी रजिस्ट्रार के साथ दिनांक 13.06.2011 को हो गया है| मैसर्स चिनाब वैली पावर प्रोजेक्ट्रस (प्राइवेट) लिमिटेड की प्रथम बोर्ड मीटिंग दिनांक 27.06.2011 को श्रीनगर में आयोजित हुई| श्री एस.सी. गुप्ता, कार्यपालक निदेशक, एनएचपीसी को इस संयुक्त उपक्रम कंपनी में प्रबंध निदेशक के तौर पर नामित किया गया है|
एनएचपीसी और ओएचपीसी के साथ संयुक्त उपक्रम की स्थापना के लिए समझौता-ज्ञापन राज्य सरकार को दिनांक 20.06.2011 को भेज दिया गया है, ताकि महानदी घाटी में 300 मेगावाट की कुल क्षमता की तीन जलविद्युत परियोजनाओं (सिन्डोल - I, II और III) की स्थापना करने का मार्ग प्रशस्त हो सके|
चमेरा-III जलविद्युत परियोजना में दिनांक 23.06.2011 को डैम स्पिलवे के उपर से नदी के प्रवाह को सफलतापूर्वक मोड़ दिया गया है|
तवांग चरण-I और तवांग चरण-II जलविद्युत परियोजनाओं को पर्यावरण व वन मंत्रलय ने दिनांक 10.06.2011 को पर्यावरणीय मंजूरी प्रदान कर दी है| केन्द्रीय विद्युत प्राधिकरण में तवांग-I के लिए दिनांक 10.06.2011 को और तवांग-II के लिए दिनांक 30.06.2011 को सहमति बैठक आयोजित हुई|
तवांग चरण-I और तवांग चरण-II जलविद्युत परियोजनाओं को पर्यावरण व वन मंत्रलय ने दिनांक 10.06.2011 को पर्यावरणीय मंजूरी प्रदान कर दी है| केन्द्रीय विद्युत प्राधिकरण में तवांग-I के लिए दिनांक 10.06.2011 को और तवांग-II के लिए दिनांक 30.06.2011 को सहमति बैठक आयोजित हुई|
कोटली भेल चरण-1ए जलविद्युत परियोजना के लिए 258.737 हैक्टेयर वन-भूमि के हस्तांतरण के लिए एफएसी ने वन मंजूरी प्रस्ताव का अनुमोदन कर दिया है|
लोकतक डाउनस्ट्रीम जलविद्युत परियोजना की जन सुनवाई दिनांक 07.06.2011 को की जा चुकी है|
पार्बती-II परियोजना में डैम व इनटेक कंक्रीटिंग (175000 क्यूबिक मीटर संचयी) दिनांक 27.06.2011 को उत्कृष्ट समझौता-ज्ञापन रेटिंग के साथ पूरी कर ली गई है|
एनएचपीसी के सभी पावर स्टेशनों से माह जून, 2011 के दौरान 2249 मिलियन यूनिट बिजली उत्पादन के लक्ष्य के मुकाबले 2303 मिलियन यूनिट बिजली उत्पादन हुआ है|
अध्यक्ष व प्रबंध निदेशक, एनएचपीसी, मांगदेछू जल विद्युत परियोजना और भूटान में भविष्य के व्यापार विकास हेतु भूटान शाही सरकार और एमएचपीए अधिकारियों के साथ विचार विमर्श करने के लिए दिनांक 08 से 10 जून, 2011 तक दौरा किया|
वित संबंधी स्थायी संसदीय समिति ने श्री यशवंत सिन्हा की अध्यक्षता में दिनांक 13.06.2011 को अलची, लेह का अध्ययन दौरा किया| समिति ने मेरे साथ जलविद्युत परियोजनाओ की स्थिति, विशेषकर जम्मू व कश्मीर के संदर्भ में चर्चा की| समिति के सदस्यों ने एनएचपीसी द्वारा दी गई विस्तृत प्रस्तुतीकरण की सराहना की|
निदेशक मंडल ने दिनांक 30.06.2011 को आयोजित अपनी 335वीं बैठक में वित्तीय वर्ष 2010-11 के लिए ` 0.60 रूपये प्रति शेयर का लाभांश देने की सिफारिश की है|
मई 2011
अध्यक्ष व प्रबंध निदेशक, एनएचपीसी, दिनांक 10.05.2011 से 11.05.2011 के बीच चमेरा-||| परियोजना का दौरा किया और परियोजना के निर्माण कार्यों की प्रगति का जायज़ा लिया|
अध्यक्ष व प्रबंध निदेशक, एनएचपीसी, निदेशक (कार्मिक) श्री आर.एस. मीना के साथ अरूणाचल प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री श्री जारबॉम गामलिन से दिनांक 16.05.2011 को और असम के माननीय मुख्यमंत्री श्री तरूण गोगोई से दिनांक 23.05.2011 को नई दिल्ली में भेंट की| इस दौरान उन्हें उनके प्रदेशों में एनएचपीसी की निर्माणाधीन परियोजनाओं की प्रगति से अवगत कराया गया|
नई दिल्ली में 27.05.2011 को वार्षिक संवाददाता सम्मेलन आयोजित किया गया और मुम्बई में दिनांक 30.05.2011 को विश्लेषकों की बैठक आयोजित की गई| मीडिया व विश्लेषकों के साथ आयोजित बैठक में बहुत अच्छी तरह से सूचनाओं का आदान-प्रदान कर उनके प्रश्नों का समुचित उत्तर दिया गया|
एनएचपीसी ने भारत सरकार के सहयोग से द्वितीय अफ्रीका-भारत फोरम बैठक के उपलक्ष्य में अदीस अबाबा, इथोपिया में 20 से 22 मई, 2011 तक आयोजित भारत प्रदर्शनी में भाग लिया| एनएचपीसी की गतिविधियों और उपलब्धियों को दर्शाते हुए एनएचपीसी पैवेलियन का उद्रघाटन माननीय केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री आनंद शर्मा ने किया| इस अवसर पर इथोपिया सरकार के माननीय उद्योग मंत्री मिस्टर मीकोनेन मान्याज्वाल और भारत तथा इथोपिया के अनेक जाने-माने उद्योगपति उपस्थित थे|
एनएचपीसी ने नई दिल्ली में 05 - 07 मई, 2011 को आयोजित रीन्यूऐबल एनर्जी वर्ल्ड इंडिया एण्ड हाइड्रो विजन इंडिया 2011 प्रदर्शनी में भाग लिया| एनएचपीसी पैवेलियन का उद्रघाटन माननीय केंद्रीय विद्युत मंत्री श्री सुशीलकुमार शिंदे ने किया|
माह मई, 2011 के दौरान 1938 मिलियन यूनिट लक्ष्य की तुलना में एनएचपीसी के पावर स्टेशनों से कुल मिलाकर 2353 मिलियन यूनिट बिजली का उत्पादन किया गया, जबकि गत वर्ष की इसी माह में 2035 मिलियन यूनिट बिजली का उत्पादन किया गया था|
संयुक्त राष्ट्र के जंगल : आपके द्वार पर प्रकृति नामक विचार के साथ 05 जून, 2011 को विश्व पर्यावरण दिवस मनाया जा रहा है|
निदेशक मंडल ने दिनांक 27.05.2011 को आयोजित बैठक में वित्तीय वर्ष 2010-11 के वार्षिक लेखों को स्वीकार कर लिया है| लेखों के मुताबिक, कंपनी ने अब तक का सर्वाधिक कर-पश्चात 2,166.67 करोड़ रूपये (गत वर्ष : 2,090.50 करोड़ रूपये, जिसमें पूर्व वर्षों के बिक्री का प्रभाव 587 करोड़ रूपये का लाभ भी शामिल था) लाभ कमाया है और 4,046.59 करोड़ रूपये का बिक्री-कारोबार किया है| इसके अलावा, कंपनी ने लगातार तीसरी बार अपने लेखों पर सांविधिक लेखा-परीक्षकों से कोई टिप्पणी नहीं प्राप्त की है|
माननीय विद्युत राज्य मंत्री श्री के.सी. वेणुगोपाल ने दिनांक 03.05.2011 को निगम मुख्यालय का दौरा किया| माननीय मंत्री जी को एनएचपीसी की विभिन्न उपलब्धियों और चल रही गतिविधियों से अवगत कराया गया| उन्होंने एनएचपीसी के कार्य-कलापों की सराहना की और कहा कि जलविद्युत के विकास में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका है| श्री वेणुगोपाल ने हमारे निदेशक (परियोजनाएं) के साथ दिनांक 10.05.2011 को हमारी पार्बती-|| (800 मेगावाट) और पार्बती-||| (520 मेगावाट) का दौरा किया|
एनएचपीसी ने रूस की सबसे बड़ी विद्युत उत्पादन करने वाली कंपनी जेएससी रूसहाइड्रो के साथ दिनांक 23.05.2011 को समझौता-ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया, ताकि जलविद्युत विकास, नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों के क्षेत्र् और बिजली उत्पादन के अन्य क्षेत्रों में सहयोग किया जा सके|
इस समझौता-ज्ञापन पर अध्यक्ष व प्रबंध निदेशक,एनएचपीसी, श्री आर.एस.मीना, निदेशक(कार्मिक) और एनएचपीसी तथा रूसहाइड्रो के वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में श्री डी.पी.भार्गव, निदेशक(तकनीकी) और मिस्टर ऐवग्नि डोड, बोर्ड अध्यक्ष, रूसहाइड्रो ने हस्ताक्षर किए|
वर्ष 2010-11 के दौरान कार्य-निष्पादन सम्बंधी झलकियां
600 मेगावाट संशोधित संस्थापपित क्षमता की तवांग-I तथा 800 मेगावाट संशोधित संस्थारपित क्षमता की तवांग-II की संशोधित डीपीआर सीईए को भेज दी है।
राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना के अंतर्गत 2667 गांवों का विद्युतीकरण किया गया तथा 7.48 लाख बीपीएल परिवारों को बिजली का कनेक्शवन प्रदान किया गया।
2166.67 करोड़ रुपए का अब तक का सबसे अधिक कर पश्चाोत शुद्ध लाभ अर्जित किया, जोकि वर्ष 2009-10 के दौरान अर्जित 2090.50 करोड़ रुपए के कर पश्चारत शुद्ध लाभ से 3.64 % अधिक है ।
पिछले वर्ष के 4153.21 करोड़ रुपए की तुलना में 4046.59 करोड़ रुपए का बिक्री टर्न-ओवर दर्ज किया । पिछले वर्ष की बिक्री आंकड़े में 844.14 करोड़ रुपए की बकाया राशि शामिल थी ।
पिछले वर्ष की 97% बिक्री वसूली की तुलना में इस वर्ष 100% बिक्री वसूली की गई ।
"उत्कृिष्टे" एमओयू रेटिंग हेतु 18000 मिलियन यूनिट के लक्ष्य की तुलना में वर्ष के दौरान 18604 मिलियन यूनिट (एमयू) बिजली का उत्पादन किया ।
"उत्कृष्ट" रेटिंग हेतु 79.9% के एमओयू लक्ष्य की तुलना में संचालित पावर स्टेशनों हेतु 85.2% संयंत्र उपलब्धता कारक (पीएएफ) प्राप्त किया ।
जम्मू व कश्मी्र राज्य में 120 मेगावाट के सेवा-।। पावर स्टेशन को संचालित किया गया । इस पावर स्टेशन को माननीय केन्द्रीय विद्युत मंत्री श्री सुशीलकुमार शिंदे ने राष्ट्र को समर्पित किया ।
जम्मूी व कश्मीरर राज्यप की चिनाब नदी घाटी में लगभग 2100 मेगावाट कुल संस्थावपित क्षमता की पकलदुल और अन्यू जलविद्युत परियोजनाओं के निष्पायदन हेतु संयुक्त उद्यम कंपनी के गठन हेतु जेकेएसपीडीसी और पीटीसी के साथ प्रोमोटर एग्रीमेंट पर हस्ता क्षर किए।
मणिपुर में 1500 मेगावाट की तिपाईमुख जलविद्युत (बहुउद्देशीय) परियोजना के क्रियान्वयन हेतु एक संयुक्त उद्यम कंपनी के गठन हेतु एसजेवीएन लिमिटेड और मणिपुर सरकार के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए । एनएचपीसी, एसजेवीएनएल तथा मणिपुर सरकार की भागीदारी क्रमश: 69%, 26% तथा 5% होगी।
भूटान में 720 मेगावाट की मांगदेछू जलविद्युत परियोजना के निर्माण हेतु इंजीनियरिंग तथा डिजाइन परामर्शी सेवाएं मुहैया करवाने के लिए मांगदेछू जलविद्युत प्राधिकरण, भूटान के साथ समझौते पर हस्ताक्षर किए ।
सिक्किम में 520 मेगावाट की तीस्ताा-IV जलविद्युत परियोजना के लिए केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (सीईए) की सहमति प्राप्ती की।
जम्मू व कश्मीसर में 1000 मेगावाट की पकलदुल परियोजना के लिए वन्यो जीवन की मंजूरी प्राप्त हो गई है।
66 मेगावाट की लोकतक डाऊनस्ट्रीगम जलविद्युत परियोजना के लिए पर्यावरण व वन मंत्रालय से सैद्धान्तिक रूप से वन मंजूरी प्राप्त हो गई है।
जम्मून व कश्मीपर में सलाल पावर स्टेिशन के निकट बिड्डा में 8-10 मेगावाट क्षमता की पवन ऊर्जा विकसित करने की प्रक्रिया प्रारंभ की।
विडियो कांफ्रेंसिंग, निर्माणाधीन परियोजनाओं में कार्य-योजना अवस्थितियों पर स्थासपित कैमरों की मदद से लाइव विडियो फीड प्राप्तम करने के लिए निगम मुख्यानलय में ऑनलाइन परियोजना मॉनिटरिंग सेंटर का सृजन किया गया।
उच्चा प्रबंधन द्वारा महत्वापूर्ण घटनाओं/उदघोषणाओ/वि‍वरण देने हेतु संगठन की सभी अवस्थितियों की लाइव ब्राडकॉस्टिंग के लिए ऑनलाइन वेब कास्टिंग की सुविधाएं स्थापित की गईं।
पावर स्टेशनों के प्रचालन तथा अनुरक्षण से संबंधित 98.5% कर्मचारियों को वर्ष 2010-11 के दौरान प्रशिक्षित किया गया, जबकि समझौता ज्ञापन में लक्ष्य 85% था ।
अफ्रीकी देशों से आए प्रतिभागियों के लिए हाइड्रो पावर स्टेौशनों के प्रचालन एवं अनुरक्षण पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
अप्रैल 2011
निगम मुख्यालय में दिनांक 15.04.2011 को बाबा साहब डॉ. भीमराव अम्बेडकर की 120वीं जयंती के उपलक्ष्य में उन्हें श्रद्वासुमन अर्पित किए गए|
निगम की मुख्य गतिविधियों का वेबसाइट से प्रसारण करने के उद्रदेश्य से दिनांक 04.04.2011 को सभी स्थानों को एनएचपीसी नेटवर्क से जोड़ दिया गया है ताकि एनएचपीसी के कार्मिक इन गतिविधियों का नेट से सीधा प्रसारण देख सकें|
चुटक जलविद्युत परियोजना में नदी को स्पिलवे रेडियल गेटों के माध्यम से सफलतापूर्वक मोड़ दिया गया है|
किशनगंगा परियोजना में टनल बोरिंग मशीन को संचालित करके एडिट की खुदाई का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है|
सिक्किम विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर प्रो. महेन्द्र पी. लामा ने दिनांक 27.04.2011 को निगम मुख्यालय का दौरा किया| इस अवसर पर अध्यक्ष व प्रबंध निदेशक, एनएचपीसी से मिलकर उन्होंने आपसी सहयोग के क्षेत्रें में विचार-विमर्श किया गया| इस विचार-विमर्श के दौरान श्री आर.एस. मीना, निदेशक (कार्मिक) भी उपस्थित थे|
एनएचपीसी ने उत्तरी हिमालय में विद्यमान जलविद्युत क्षमता के तीव्र दोहन विषय पर दिनांक 26-27 अप्रैल2011 तक आयोजित दो दिवसीय छठे अंतरराष्ट्रीय जलविद्युत सम्मेलन में भाग लिया| इस सम्मेलन का आयोजन इंडिया टेक फाउन्डेशन द्वारा शिमला में किया गया, जिसक उद्रघाटन हिमाचल प्रदेश के माननीय मुख्य मंत्री प्रोफेसर प्रेम कुमार धूमल ने किया| इस अवसर पर हमारे निदेशक (परियोजनाएं) श्री जे.के. शर्मा ने एनएचपीसी का प्रतिनिधित्व किया|
पावर स्पोर्टस कंट्रोल बोर्ड के तत्वावधान में विद्युत क्षेत्र् के विभिन्न पीएसयू द्वारा आयोजित अंतर पावर पीएसयू टेबिल टेनिस, कैरम, चैस, कब्बड्रडी तथा बैडमिन्टन प्रतियोगिताओं में एकल तथा टीम प्रतिस्पर्धाओं में एनएचपीसी कर्मचारियों ने भाग लिया और वे उसमें विजेता तथा रनरअप रहे|
एनएचपीसी के पावर स्टेशनों ने संयुक्त रूप से 1491.5 मिलियन यूनिट विद्युत उत्पादन लक्ष्य की तुलना में 1627.4 मिलियन यूनिट विद्युत उत्पादन किया|
भारतीय अर्थव्यवस्था में योगदान के लिए एनएचपीसी को डन एण्ड ब्राडस्टीट-रोल्टा कारपोरेट अवार्ड्रस 2010 में पावर सेक्टर की टाप इंडियन कंपनी के तौर पर चुना गया| यह पुरस्कार दिनांक 26.04.2011 को मुम्बई में आयोजित एक भव्य समारोह में एनएचपीसी की ओर से श्री डी.पी. भार्गव, निदेशक (तकनीकी) ने प्राप्त किया|
दलाल स्ट्रीट निवेश जर्नल द्वारा एनएचपीसी को नॉन-मैन्युफैक्चरिंग मिनी रत्न श्रेणी सार्वजनिक क्षेत्र् उपक्रम के अंतर्गत जेंटिल जायंट्रस अवार्ड से सम्मानित किया गया है| अध्यक्ष व प्रबंध निदेशक, एनएचपीसी ने यह पुरस्कार दिनांक 21.04.2011 को नई दिल्ली में आयोजित तीसरे सार्वजनिक क्षेत्र् उपक्रम पुरस्कार 2011 समारोह में माननीय केंद्रीय विद्युत मंत्री श्री सुशीलकुमार शिंदे के कर-कमलों से प्राप्त किया|
सार्वजनिक उद्यमों की संसदीय समिति ने दिनांक 29.04.2011 को शिलांग का अध्ययन दौरा किया| समिति ने अध्यक्ष व प्रबंध निदेशक, एनएचपीसी के साथ एनएचपीसी से संबंधित अन्य मुद्रदों के अतिरिक्त, ग्यारहवीं तथा बाहरवीं योजना अवधि के दौरान क्षमता अभिवृद्वि कार्यक्रम पर विचार-विमर्श किया| समिति ने देश के जलविद्युत विकास के लिए हमारी कंपनी द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की|
मार्च 2011
डॉ॰ पवन कुमार चामलिंग, माननीय मुख्य मंत्री, सिक्किम के साथ अध्‍यक्ष व प्रबंध निदेशक, एनएचपीसी, श्री डी. पी. भार्गव, निदेशक (तकनीकी) और श्री आर. एस. मीना, निदेशक (कार्मिक) को साथ लेकर नई दिल्ली में 08 मार्च 2011 को मुलाकात की | इस दौरान उन्हें इस राज्य में एनएचपीसी की निर्माणाधीन परियोजनाओं व संचालित पावर सटेशनों की प्रगति से अवगत कराया गया |
पदम विभूषण सम्मानित श्री अज़ीम प्रेमजी, चेयरमैन, विप्रो लिमिटेड ने 31 मार्च 2011 को अपने निगम मुख्यालय के दौरे के दौरान मानव-हितैषी गतिविधियों पर एक बहुत ही प्रेरणाप्रद, रुचिकर और अपनी सोच बदलाव करने वाला भाषण दिया | साथ ही उन्होंने बताया कि किस प्रकार प्रोद्यौगिकी को समाज के विकास के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है | इस दौरान उन्होंने एनएचपीसी के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विचारों का आदान-प्रदान किया |
डॉ॰ रीफात अब्देल-मालेक, अध्यक्ष, इंटरनैशनल हाइड्रोपावर एसोसिएशन ने 21 मार्च 2011 को विश्व की पानी और बिजली आवश्यकताओं की पूर्ति में जलविद्युत के योगदान संबंधी आपसी हित के विषयो पर विचार-विमर्श करने के लिए एनएचपीसी प्रबंधन से मुलाकात की |
श्री आर. श्रीनिवासन, आईएएस (सेवानिवृत्त) और डॉ॰ तापस सेन, सीनियर फेलो, एनआईपीएफपी ने योजना आयोग की ओर से जम्मू व कश्मीर में प्रधानमंत्री पुनर्निमाण कार्यक्रम को मॉनीटर करने हेतु 16 मार्च 2011 को निगम मुख्यालय का दौरा किया |
श्री सुनील वर्मा, उप-नियंत्रक व महालेखापरीक्षक, भारत सरकार ने जम्मू व कश्मीर में अपनी यात्रा के दौरान उड़ी पावर स्टेशन और उड़ी-II परियोजना का दौरा किया |
एनएचपीसी और मांगदेछू जलविद्युत परियोजना प्राधिकरण (एमएचपीए), भूटान के बीच 09 मार्च 2011 को थिम्पु, भूटान में मांगदेछू जलविद्युत परियोजना के लिए अभियांत्रिकी व डिजाइन संबंधी परामर्शी सेवाएं देने के लिए हस्ताक्षर किए गए |
वर्ष : 2010-11 के दौरान एनएचपीसी के पावर स्टेशनों से 18000 मिलियन यूनिट के लक्ष्य के मुकाबले 18600 मिलियन यूनिट से अधिक बिजली उत्पादन होने की संभावना है |
अध्‍यक्ष व प्रबंध निदेशक, एनएचपीसी को सीआईडीसी द्वारा आयोजित किए जा रहे आगामी कंस्ट्रक्ट एशिया सम्मेलन की हाइड्रोपावर स्टीयरिंग कमेटी का अध्यक्ष मनोनीत किया गया है |
एनएचपीसी को ‘सामाजिक उत्तरदायित्व’ श्रेणी के अंतर्गत सीआईडीसी विश्वकर्मा अवार्ड 2011 से सम्मानित किया गया है |
पावर एच.आर. फोरम द्वारा आयोजित “उत्कृष्टता की खोज” विषय पर एनएचपीसी टीम को प्रथम पुरस्कार प्राप्त हुआ है |
अध्‍यक्ष व प्रबंध निदेशक, एनएचपीसी, को स्कोप के एग्ज़ीक्युटिव बोर्ड में सदस्य के तौर पर 2011-13 अवधि के लिए चुना गया है | केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र् के उपक्रमों में कार्य करने के लंबे अनुभव और स्कोप द्वारा उपलब्ध प्लेटफार्म के माध्यम से सामूहिक भागीदारी करने पर निश्चय ही केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र् के उपक्रमों के कार्य-नि पादन में वृद्घि करने में मदद मिलेगी |
माननीय केंद्रीय विद्युत मंत्री श्री सुशीलकुमार शिंदे ने सचिव (विद्युत) श्री पी. उमा शंकर और विद्युत मंत्रालय मंत्रालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ 01.03.2011 को सुबानसिरी लोअर जलविद्युत परियोजना, गेरुकामुख का दौरा कर परियोजना के निर्माण कार्यों की प्रगति का जायज़ा लिया | माननीय मंत्री महोदय ने एनएचपीसी प्रबंधन और परियोजना कर्मचारियों की सबसे बड़ी परियोजनाओं में से एक इस परियोजना के निर्माण में दिए जा रहे उनके बहुमूल्य योगदान की प्रशंसा की |
वित्तीय वर्ष: 2011-12 के लिए निम्मो बाजगो, चुटक, चमेरा-III, पार्बती-III, उड़ी-II नामक 5 परियोजनाओं से 1080 मेगावाट की क्षमता अभिवृद्घि करने और तीस्ता लो डैम परियोजना-III की एक यूनिट को संचालित करने का लक्ष्य रखा गया है |
एनएचपीसी और विद्युत मंत्रालय, भारत सरकार के बीच वर्ष 2011-12 के लिए समझौता-ज्ञापन पर 25.03.11 को हस्ताक्षर हो गए हैं| कंपनी के लिए गत वित्तीय वर्ष:2010-11 के 18000 मि.यू. बिजली उत्पादन और 3649.40 करोड़ रुपये के सकल बिक्री कारोबार की तुलना में, वित्तीय वर्ष:2011-12 के लिए 18500 मि.यू. का बिजली उत्पादन और 3931.89 करोड़ रुपये का सकल बिक्री कारोबार का लक्ष्य निर्धारित किया गया है|
फरवरी 2011
एनएचपीसी के विद्युत स्टेशनों ने माह फरवरी,2011 के दौरान 728 मिलियन यूनिट बिजली उत्पादन के लक्ष्य के मुकाबले 770 मिलियन यूनिट बिजली उत्पादन किया । माह फरवरी,2011 के अंत में, अब तक का कुल बिजली उत्पादन 16779 मिलियन यूनिट के मुकाबले 17302 मिलियन यूनिट बिजल उत्पादन हुआ है ।
अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक, एनएचपीसी ने 05.02.2011 को पार्बती-III परियोजना का दौरा कर इस परियोजना के विभिन्न कार्यों की प्रगति की समीक्षा की । सम्वक परियोजना अधिकारियों को परामर्श दिया गया कि वे महत्वपूर्ण मामलों पर अधिक ध्यान दें और यह ध्यान में रखकर कि परियोजना को 2011-12 में पूरा किया जाना है, जहां भी आवश्यक हो, योजना बनाकर आगे बढ़े ।
भुन्तर, कुल्लु में "सांविधिक लेखा-परीक्षकों की बैठक " का उद्घाटन करने के अलावा, अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक, एनएचपीसी ने प्रतिभागियों को संबोधित किया और सभी संवैधानिक लेखा-परीक्षकों से आग्रह किया कि वे भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक के मांग के अनुरूंप तीन स्तरीय लेखा-परीक्षण को ध्यान में रखकर समय पर ऑडिट पूरा करने में अपना सहयोग दें ।
एनएचपीसी को 21.02.2011 को नई दिल्ली में आयोजित द्वितीय ढांचागत श्रेष्ठ अवार्ड समारोह में श्रेष्ठ सार्वजनिक उपक्रम बेतौर पर "आल्टरनेटिव एनर्जी रिसोर्सीज्र " अवार्ड से सम्मानित किया । श्री आर.एस. मीना, निदेशक (कार्मिक), एनएचपीसी ने यह अवार्ड एनएचपीसी की ओर से अनेक गणमान्य हस्तीयों की उपस्थिति में श्री कमलनाथ, माननीय केंद्रीय शहरी विकास मंत्री के कर-कमलों से प्राप्त किया ।
अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक, एनएचपीसी ने श्री जे.के. शर्मा, निदेशक (परियोजनाएं) के साथ 22.02.2011 को शिमला में प्रोफेसर प्रेम कुमार धूमल, माननीय मुख्यमंत्री, हिमाचल प्रदेश से मुलाकात करके उन्हें राज्य में एनएचपीसी द्वारा निर्माणाधीन परियोजनाओं की प्रगति और पावर स्टेशनों के निष्पादन के बारे में अवगत कराया ।
माननीय केंद्रीय विद्युत मंत्री श्री सुशील कुमार शिंदे ने नई दिल्ली में 14.02.2011 को आयोजित एक भव्य समारोह में एनएचपीसी, एसजेवीएन, टीएचडीसी, नीपको और बीबीएमबी की जल विद्युत विकास पर गत 05 वर्षों (2006-2010) के दौरान अर्जित उपलब्धियों के बारे में पुस्तक का विमोचन किया ।
जनवरी 2011
निदेशक मंडल की बैठक दिनांक 27.01.2011 को सम्पन्न हुई| इस बैठक में निदेशक मंडल ने 31.12.2010 को समाप्त तिमाही एवं नौ माह की अवधि के अनंकेक्षित वित्तीय परिणामों को स्वीकार किया| इन परिणामों के अनुसार शुद्घ बिक्री क्रमश: 709 करोड़ रुपये तथा 2969 करोड़ रुपये एवं शुद्घ लाभ क्रमश: 301 करोड़ रुपये और 1528 करोड़ रुपये रहा है|
ऊर्जा संबंधी स्थाई संसदीय समिति ने दिनांक 29.01.2011 को पोर्ट ब्लेयर का अध्ययन दौरा किया| समिति ने विद्युत मंत्रालय तथा एनएचपीसी के अधिकारियों के साथ एक बैठक की| इस बैठक में भारत के समग्र जलविद्युत परिदृश्य तथा जलविद्युत विकास में एनएचपीसी की भूमिका और क्षमता अभिवृद्घि योजनाओं पर एक विस्तृत प्रजेंटेशन दिया गया|
समिति ने अं.व नि. द्वीप समूह में एनएचपीसी के योगदान की सराहना की तथा अत्याधिक चुनौतीपूर्ण एवं विशम परिस्थितियों में जल विद्युत परियोजनाओं के निश्पादन हेतु किए जा रहे प्रयासों की प्रशंसा की| सहयोग के और अधिक स्रोतों को तलाशने के उदेश्य से दिनांक 28.01.2011 को, अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक, एनएचपीसी, निदेशक(परि.) सहित लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) भोपिन्दर सिंह, महामहिम उप-राज्यपाल, अंडमान व निकोबार द्वीप समूह तथा श्री शक्ति सिन्हा, मुख्य सचिव, अं.व नि. द्वीप समूह के साथ शिष्टाचार बैठक की है|
एनएचपीसी को वित्त वर्ष 2009-10 के लिए एमओयू निश्पादन रेटिंग के अन्तर्गत बहुत अच्छा रेटिंग दी गयी है|
ईआरपी को 01.01.2011 से ईएसएस, एचआर और पेरॉल मॉड्रयूलस को 22 अन्य स्थानों पर लाइव बनाया गया है| इनमें से 06 स्थानों पर वित्त मॉड्रयूल को भी प्रभावी बनाया गया है|
भूटान के अग्रणी मीडिया हाउसों से शीर्ष मीडिया व्यक्तित्वों सहित सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय से वरिष्ठ अधिकारियों वाले मीडिया प्रतिनिधियों के एक दल ने 18.01.2011 को निगम मुख्यालय, फरीदाबाद का दौरा किया| प्रतिनिधियों को एक अत्यंत ही प्रभावी सत्र् में भूटान पर विशेष ध्यान केंद्रित करते हुए जलविद्युत विकास के क्षेत्र् में अपनी गतिविधियों के बारे में एनएचपीसी के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा संक्षिप्त रूप से अवगत कराया गया|
अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक, एनएचपीसी को वर्ष 2010 के लिए अद्वितीय कार्य निष्पादन एवं उपलब्धियों के लिए इंस्टीट्रयूट ऑफ चार्टर्ड एकाउन्टेंट्रस ऑफ इण्डिया (आईसीएआई) द्वारा आईसीएआई 2010 विशेष एचीवर अवार्ड प्रदान किया गया है| यह अवार्ड 30.01.2011 को साइंस सिटी, कोलकाता में आयोजित आईसीएआई अवार्डस 2010 समारोह में मेरी ओर से कार्यपालक निदेशक (क्षेत्र्-|||) द्वारा श्री अमरजीत चोपड़ा, अध्यक्ष, आईसीएआई से प्राप्त किया गया|
श्री के.सी. वेणुगोपाल, माननीय विद्युत राज्य मंत्री के पद ग्रहण किया है| विद्युत क्षेत्र् को आपके विविध और प्रचुर अनुभव का बहुत अधिक लाभ मिलेगा|
एनएचपीसी के विद्युत स्टेशन ने 589 मिलियन यूनिट का उत्पादन किया है (पिछले वर्ष जनवरी 2010 में 499 मिलियन यूनिट), इस प्रकार जनवरी 2011 के उत्कृष्ट समझौता ज्ञापन लक्ष्य को पूरा कर लिया गया| वित्त वर्श 2010-11 के लिए जनवरी 2011 तक विद्युत स्टेशनों का समेकित उत्पादन 16050 मिलियन यूनिट के उत्कृष्ट समझौता ज्ञापन लक्ष्य की तुलना में 16531 मिलियन यूनिट है (पिछले वर्ष जनवरी 2010 तक 15156 मिलियन यूनिट)|
वर्तमान वित्तीय वर्ष की तीसरी तिमाही (अक्टूबर से दिसम्बर 2010) की अवधि में एनएचपीसी ने समझौता ज्ञापन के उत्कृष्ट विद्युत उत्पादन लक्ष्य से अधिक विद्युत उत्पादन किया है| पावर स्टेशनों द्वारा तीसरी तिमाही अवधि में 3069 मिलियन यूनिट विद्युत उत्पादन किया गया जो कि उत्कृष्ट समझौता ज्ञापन लक्ष्य 2270 मिलियन यूनिट से 10.8 प्रतिशत अधिक है| वित्तीय वर्ष 2010-11 की पहली तीन तिमाही अवधि का समेकित विद्युत उत्पादन 15941 मिलियन यूनिट रहा है जबकि उत्कृष्ट समझौता ज्ञापन लक्ष्य 15461 मिलियन यूनिट रखा गया था|
दिसम्बर 2010
दिनांक 21.12.2010 को जम्मू व कश्मीर की चिनाब नदी घाटी पर लगभग 2100 मेगावाट की समेकित क्षमता वाली पकल दुल व अन्य जलविद्युत परियोजनाओं के कि्रयान्वयन हेतु संयुक्त उद्यम कंपनी बनाने के लिए एनएचपीसी, जेकेएसपीडीसी तथा पीटीसी के बीच प्रामोटर्स एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर किए गए| जम्मू व कश्मीर के माननीय मुख्य मंत्री श्री उमर अब्दुल्ला की गरिमामय उपस्थिति में एनएचपीसी तथा जेकेएसपीडीसी और पीटीसी के प्रतिनिधियों ने इस एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर किए|
भारत एवं अन्य देशों में जल विद्युत परियोजनाओं पर परामर्श एवं प्रबंधन सेवाओं के क्षेत्र् में द्विपक्षीय सहयोग के लिए एनएचपीसी एवं रसहाइड्रो के बीच एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर करने के लिए विद्युत मंत्रलय का अनुमोदन प्राप्त कर लिया गया है| रसहाइड्रो, सोवियत संघ सरकार की एक राज्य स्वामित्व वाली कंपनी है जिनके पास 25000 मेगावाट से अधिक संस्थापित जल विद्युत क्षमता है|
एनएचपीसी ने नई दिल्ली में 9 से 11 दिसंबर, 2010 तक फिक्की के सहयोग से विद्युत मंत्रलय, भारत सरकार द्वारा आयोजित की गई विद्युत क्षेत्र् पर 5वीं अंतराष्ट्रीय प्रदर्शनी एवं सम्मेलन इंडिया इलैक्टि्रसिटी-2010 में भाग लिया| श्री पी. उमाशंकर, सचिव (विद्युत), भारत सरकार ने अध्‍यक्ष व प्रबंध निदेशक एनएचपीसी एवं विद्युत क्षेत्र् की दूसरी कंपनियों के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में एनएचपीसी पैवेलियन का उद्रघाटन किया|
नवम्बर 2010
तवांग जल विद्युत परियोजना चरण-| (600 मेगावाट) अरूणाचल प्रदेश की जनसुनवाई 19.11.2010 को जंग, तवांग में सफलतापूर्वक संपन्न हुई|
दिनांक 11.11.2010 को काउंसिल ऑफ पावर यूटिलिटीज सोशल एंड कम्युनिटी इम्पैक्ट द्वारा एनएचपीसी को इंडिया पावर अवार्ड - 2010 से सम्मानित किया गया| यह पुरस्कार एनएचपीसी को कारपोरेट सामाजिक दायित्व के अंतर्गत उत्कृष्ट कार्य करने हेतु प्रदान किया गया है|
1200 मेगावाट तमंथी परियोजना की अंतरिम रिपोर्ट डीएचपीपी/डीएचपीआई, म्यांमार संघ सरकार को अक्टूबर - 2010 में सौंपी गई| सभी विषमताओं के बावजूद यह रिपोर्ट निर्धारित समय में सौंपी गई है|
नवम्बर 2010 की अवधि में एनएचपीसी पावर स्टेशनों द्वारा 796 मिलियन यूनिट के लक्ष्य की तुलना में 902 मिलियन यूनिट विद्युत उत्पादन किया गया है| समझौता ज्ञापन में निर्धारित 14785 मिलियन यूनिट के उत्कृ ट लक्ष्य की तुलना में नवंबर 2010 तक सभी पावर स्टेशनों द्वारा 15290 मेगावाट की समेकित विद्युत उत्पादन किया गया है|
दिनांक 14 से 27 नवंबर 2010 तक नई दिल्ली में संपन्न हुए भारतीय अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेला-2010 में मंत्रलयों और विभागों की श्रेणी में विद्युत मंत्रलय और विभागों की श्रेणी में विद्युत मंत्रलय के पैवेलियन को प्रदर्शन में उत्कृष्टता के लिए रजत पदक से सम्मानित किया गया है| आईआईटीएफ 2010 में विद्युत मंत्रलय के पैवेलियन के लिए एनएचपीसी नोडल एजेंसी थी|
सितम्बर 2009 में सफलतापूर्वक सूचीबद्घ होने के बाद एनएचपीसी विश्लेषकों /निवेशकों की पहली संगोष्ठी दिनांक 12.11.2010 को बीएसई कवेंशन हाल, मुंबई में संपन्न हुई| विश्लेषकों और निवेशकों ने इस परिचर्चा बैठक का स्वागत किया|
एनएचपीसी का स्थापना दिवस समारोह सिरी फोर्ट ऑडिटोरियम, नई दिल्ली में आयोजित किया गया| श्री पी. उमाशंकर, सचिव (विद्युत) भारत सरकार ने मुख्य अतिथि के रूप में पधार कर इस समारोह की गरिमा बढ़ायी|
अक्टूबर 2010
कंपनी ने दिनांक 27 से 30 अक्तूबर,2010 तक मुम्बई में "इंडिया टैक फाउन्डेशन "द्वारा आयोजित 12वीं वर्ड इनोवेटिव सम्मिट एण्ड एक्सपो पावर इंडिया 2010 " में भाग लिया । इस सेमिनार का उद्घाटन भारत की महामहिम राष्ट्रपति श्रीमती प्रतिभा देवीसिंह पाटिल द्वारा किया गया ।
दिनांक 21.10.2010 को एनएचपीसी तथा मैसर्स लैन्को के बीच चमेरा-।।। जल विद्युत परियोजना के लिए 220 के.वी. एडिशनल बै के निर्माण हेतु समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए ।
ऊर्जा संबंधी स्थायी संसदीय समिति ने श्री के.एस. राव, संसद सदस्य की अध्यक्षता में दिनांक 26.10.2010 को कोलकाता में अध्ययन दौरा किया । इस समिति ने अधोहस्ताक्षरी एवं विद्युत मंत्रालय के प्रतिनिधियों के साथ एनएचपीसी सं संबद्ध विभिन्न मुद्दों के साथ-साथ एनएचपीसी द्वारा 11वीं तथा 12वीं योजना के दौरान क्षमता संवर्धन कार्यक्रमों के विषय में विचार-विमर्श किया ।
एनएचपीसी को पावर क्षेत्र की सभी कंपनियों में राजभाषा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने के लिए वर्ष 2008-09 के लिए "प्रथम पुरस्कार " तथा वर्ष 2009-10 के लिए "द्वितीय पुरस्कार " से सम्मानित किया गया है । इन पुरस्कारों के रूंप में "एनटीपीसी राजभाषा शील्ड " तथा "प्रशस्ति-पत्र " कुर्ग (कर्नाटक) में आयोजित बैठक के दौरान माननीय केंद्रीय विद्युत मंत्री, श्री सुशीलकुमार शिंदे के कर-कमलों से श्री आर.एस. मीना, निदेशक (कार्मिक) ने प्राप्त किए ।
कंपनी ने निदेशक मण्डल की दिनांक 28.10.2010 को आयोजित बैठक में स्वीकृत अनांकेक्षित वित्तीय परिणामों के अनुसार इस वित्तीय वर्ष की 30.09.2010 को समाप्त छमाही के दौरान 1228 करोड़ रूंपए का शुद्ध लाभ अर्जित किया है जो कि पिछले वित्तीय वर्ष की इसी छमाही के दौरान 1119 करोड़ रूंपए रहा था । इस प्रकार इस अवधि के दौरान 9.7 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई है ।
सितम्बर 2010
क्षेत्र क में स्थित सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में राजभाषा कार्यान्वयन में उत्कृष्ट कार्य के लिए एनएचपीसी को वर्ष 2008-09 के लिए इंदिरा गांधी राजभाषा अवार्ड कार्यक्रम के अंतर्गत गृह मंत्रलय, भारत सरकार द्वारा "प्रथम पुरस्कार " प्रदान किया गया है |
यह अवार्ड महामहिम उप-राष्ट्रपति,मो.हामिद अंसारी से 14-09-2010 को विज्ञान भवन, नई दिल्ली में श्री पी. चिदंबरम, माननीय केन्द्रीय गृह मंत्री, श्री एम. रामचंद्रन, माननीय केन्द्रीय गृह राज्य मंत्री श्री अजय माकन की उपस्थिति में अधोहस्ताक्षरी ने प्राप्त किया |
श्री प्रणव मुखर्जी, माननीय केन्द्रीय वित्त मंत्री ने दिनांक 13-09-2010 को नई दिल्ली में हुए एक भव्य समारोह में कारपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व के लिए “दैनिक भास्कर " द्वारा आयोजित “इंडिया प्राइड अवार्ड 2010 " के तहत सिल्वर अवार्ड एनएचडीसी लिमिटेड को प्रदान किया |
एनएचपीसी को 17-18 सितम्बर 2010 को आयोजित वैश्विक संगठन के रूप प्रबंधन करने के लिए नवीनता, निरंतर कार्यरत रहने, प्रेरणा देने एवं प्रत्येक को निष्ठावान बनाने पर 7वी ग्लोबल एचआर सम्मेलन के दौरान वर्ष 2010 हेतु प्रतिष्ठित "लीडरशिप थ्रू ट्रंसफार्मेशन प्रोक्टिसेस के लिए एमिटि एचआर एक्सेलेंस अवार्ड" प्रदान किया गया है |
अरूणाचल प्रदेश में तवांग -II(800 मेगावाट) परियोजना की जन सुनवाई दिनांक 21-09-2010 को सफलतापूर्वक पूरी कर ली गई |
वित्तीय वर्ष 2009-10 के लिए भारत सरकार को 584 करोड़ रूपए के लाभांश का चैक दिनांक 01-10-2010 को माननीय केन्द्रीय विद्युत मंत्री श्री सुशीलकुमार शिंदे जी को सौंपा गया | इस अवसर पर श्री पी.उमाशंकर,सचिव(पॉवर),भारत सरकार,श्री सुधीर कुमार,संयुक्त सचिव(हाइड्रो),विद्युत मंत्रलय तथा विद्युत मंत्रलय और एनएचपीसी के अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे |
कंपनी के सदस्यों की 34वी आम वार्षिक बैठक 22-09-2010 को फरीदाबाद में सपन्न हुई | लेखांकन वर्ष 2009-10 के लिए 0.55 रूपए प्रति शेयर अंतिम लाभांश घोषित किया गया है |
माननीय केन्द्रीय विद्युत मंत्री श्री सुशील कुमार शिंदे जी के कर-कमलो से 120 मेगवावाट सेवा- II पावर स्टेशन (जम्मू एंड कश्मीर ) दिनांक 29-09-2010 को राष्ट्र को समर्पित किया गया है | श्री उमर अब्दुला, माननीय मुख्य मंत्री, जम्मू व कश्मीर, श्री शबीर अहमद खान, माननीय विद्युत राज्य मंत्री, जम्मू कश्मीर, चौधरी लाल सिंह, माननीय सांसद (लोसभा) तथा अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने अपनी उपस्थिति से इस अवसर को गरिमा प्रदान की |
अगस्त 2010
जम्मू व कश्मीर की चिनाब नदी घाटी में कुल 2100 मेगावाट संस्थापित क्षमता की पकलदुल व अन्य परियोजनाओं के कि्रयान्वयन हेतु एनएचपीसी, जेकेएसपीडीसी तथा पीटीसी द्वारा जेवीसी बनाने के लिए प्रोमोटर्स एग्रीमेन्ट को विद्युत मंत्रलय ने मंजूरी दी है|
जम्मू व कश्मीर की 120 मेगावाट सेवा-|| जल विद्युत परियोजना को जुलाई 2010 में सफलतापूर्वक चालू कर दिया गया है| हमारे 14 पावर स्टेशनों की संस्थापित क्षमता 5295 मेगावाट पहुँच गई है, इसमें एनएचडीसी के 1520 मेगावाट शामिल है|
कंपनी ने इस वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही में कर पश्चात 537 करोड़ रूपए का शुद्ध् लाभ दर्ज किया है| इस प्रकार पिछले वित्तीय वर्ष की इस अवधि के दौरान अर्जित 502 करोड़ रूपए की तुलना में 7 प्रतिशत की वृद्घि दर्ज हुई है|
कंपनी की 34वीं वार्षिक आम बैठक 22.09.2010 को फरीदाबाद में आयोजित की जा रही है| सितम्बर 2009 में कंपनी के बीएसई और एनएसई में सूचीबद्घ होने के बाद कंपनी की यह पहली वार्षिक आम बैठक होगी|
जुन 2010
जम्मू व कश्मीर की सेवा-II परियोजना ( 3 x 40 मेगावाट) की 120 मेगावाट क्षमता की यूनिट-I व III का क्रमश: दिनांक 29.06.2010 एवं 02.07.2010 से वाणिज्यिक प्रचालन किया जा चुका है । इस परियोजना की अन्तिम यूनिट का भी शीघ्र ही वाणिज्यिक प्रचालन किया जाना संभावित है|
ऊर्जा पर गठित स्थाई संसदीय समिति द्वारा 3 और 4 जून 2010 को गुवाहाटी का अध्ययन दौरा किया गया है । समिति ने दिनांक 04.06.2010 को विद्युत मंत्रलय तथा एनएचपीसी के अधिकारियों के साथ बैठक की ।
इस बैठक के दौरान भारतीय जल विद्युत परिदृश्य तथा भारत के जल विद्युत विकास में एनएचपीसी की भूमिका के साथ ग्यारहवीं तथा बारहवीं पंचवर्षीय योजना की क्षमता अभिवृद्घि योजना जैसे विषय पर एक विस्तृत प्रस्तुति भी दी गई । समिति ने चुनौतीपूर्ण तथा विपरीत परिस्थितियों में एनएचपीसी द्वारा जल विद्युत परियोजनाओं के निष्पादन हेतु किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।
दिनांक 10.06.2010 को अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक ने देहरादून में उत्तराखंड के माननीय मुख्यमंत्री के साथ बैठक की । इस बैठक के दौरान राज्य में जल विद्युत के क्षेत्र् में एनएचपीसी की भूमिका से संबंधित पारस्परिक हित के कई मुद्दों पर चर्चा की गई ।
सार्वजनिक क्षेत्र उद्यम पर गठित संसदीय समिति (कोपू) के साथ दिनांक 14.06.2010 को श्रीनगर में एक बैठक संपन्न हुई । इस बैठक में एनएचपीसी में कारपोरेट शासन के संबंध में चर्चा की गई| इस अवसर पर दिए गए विस्तृत प्रस्तुति को समिति ने बहुत सराहा ।
माननीय केन्द्रीय विद्युत राज्य मंत्री ने आरजीजीवीवाई के अधीन क्रमश: उड़ीसा व बिहार राज्यों में किए जा रहे कार्यों की समीक्षा करने के उद्रदेश्य से 19.06.2010 तथा 30.06.2010 को भुवनेश्वर व पटना का दौरा किया है ।
विद्युत मंत्रालय द्वारा एनएचपीसी को म्यांमार की 1200 मेगावाट तमंथी तथा 642 मेगावाट श्वाजये जल विद्युत परियोजनाओं के लिए निष्पादक एजेंसी के तौर पर नामित किया गया है । इसके साथ एनएचपीसी अंतर्राष्ट्रीय क्षेत्र में जल विद्युत विकास का बड़ा कार्य हासिल करने वाली कंपनी बन गई है ।
अरुणाचल प्रदेश में तवांग परियोजना चरण-I (600 मेगावाट) की संशोधित डीपीआर दिनांक 04.06.2010 को सीईए की सहमति के लिए प्रस्तुत कर दी गई है ।
निगम मुख्यालय और एनएचपीसी की विभिन्न यूनिटों में दिनांक 07.06.2010 को विश्व पर्यावरण दिवस उत्साहपूर्वक मनाया गया ।
एनएचपीसी को जलवायु परिवर्तन के प्रति हरित पहल में उत्कृष्ट निष्पादन के लिए विद्युत श्रेणी में "एफई-ईवीआई ग्रीन बिजनेस लीडरशिप अवार्ड" से सम्मानित किया गया है । यह अवार्ड फाइनेंशियल एक्सप्रेस व इमरजेंट वेंचर्स इंडिया के साथ द इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस, हैदराबाद द्वारा कराई गई ग्रीन बिजनेस सर्वेक्षण पर आधारित है ।
मई 2010
पार्बती-II एवं III परियोजनाओं की निर्माण गतिविधियों की प्रगति की समीक्षा अलग-अलग 27/28 मई 2010 को निदेषक (तकनीकी) और दो स्वतंत्र निदेषकों के साथ इन परियोजनाओं के अपने दौरे के दौरान की गयी।
केन्द्रीय विद्युत प्राधिकरण ने दिनांक 13.05.2010 को सिक्किम में 520 मेगावाट की तीस्ता चरण-IV जल विद्युत परियोजना हेतु तकनीकी आर्थिक मंजूरी प्रदान कर दी है।
अरूणाचल प्रदेष में 800 मेगावाट की तवांग चरण-II जल विद्युत परियोजना की संषोधित डीपीआर केन्द्रीय विद्युत प्राधिकरण को 21.05.2010 को सहमति हेतु प्रस्तुत कर दी गयी है।
परियोजनाओं एवं पावर स्टेषनों पर ईआरपी प्रणाली की षुरूआत के साथ ही पे-रोल तैयार किये जाने का कार्य 11000 कर्मचारियों को षामिल करते हुए निगम मुख्यालय में केन्द्रीयकृत कर दिया गया है।
माननीय केन्द्रीय विद्युत मंत्री, श्री सुषीलकुमार षिंदे ने दिनांक 11.05.2010 को पार्बती जल विद्युत परियोजना चरण-II का दौरा किया है। अपने दौरे के दौरान माननीय मंत्री महोदय ने ऐसी कठिन अवस्थिति में एनएचपीसी द्वारा चलाई जा रही निर्माण गतिविधियों हेतु किए जा रहे प्रयासों की सराहना की और परियोजना को यथाषीघ्र चालू किए जाने का सुझाव दिया।
एनएचपीसी के पावर स्टेषनों ने कम मानसून के बावजूद बेहतर निष्पादन करते हुए 16960 मि. यू. विद्युत उत्पादन किया है, जबकि वर्ष 2008-09 के दौरान विद्युत उत्पादन 16690 मि. यू. था। इस वर्ष सबसे अधिक 3,603.93 करोड़ रुपये की बिक्री वसूली की गई, जबकि पिछले वर्ष की बिक्री वसूली 2,420.36 करोड़ रुपये थी।
एनएचपीसी ने अब तक का सर्वाधिक षुध्द लाभ (कर पष्चात्) 2,090.50 करोड़ रुपये दर्ज किया है तथा अब तक का सर्वोच्च 4,218.90 करोड़ रुपये का बिक्री कारोबार किया है, जबकि वित्तीय वर्ष 2008-09 के दौरान षुध्द लाभ और बिक्री कारोबार क्रमष: 1,075.22 करोड़ रुपये तथा 2,671.85 करोड़ रुपये था।
कार्य निष्पादन - वर्ष 2009-10
एनएचपीसी ने अगस्त, 2009 में अपना आईपीओ (प्रारंभिक सार्वजनिक प्रस्ताव) निकाला था । इसके लिए 1,40,000 करोड़ रूपए से अधिक की बोली लगी तथा 13 लाख से अधिक आवेदन प्राप्‍त हुए थे । यह आइपीओ लगभग 24 गुना ओवर सब्‍स्‍क्राइब हुआ था । अपने आईपीओ के सफल निपटान के पश्चात एनएचपीसी 1 सितम्बर, 2009 से एनएसई तथा बीएसई दोनों में एक सूचीबद्ध कंपनी बन गई ।
"बहुत अच्छी " एमओयू रेटिंग हेतु 16381 मिलियन यूनिट के लक्ष्य की तुलना में वर्ष के दौरान कमजोर मौनसून के बावजूद 16960 मिलियन यूनिट (एमयू) बिजली का उत्पादन किया ।
"उत्कृष्ट" रेटिंग हेतु 80% के एमओयू लक्ष्य की तुलना में संचालित पावर स्टेशनों हेतु 84% संयंत्र उपलब्धता कारक (पीएएफ) प्राप्त किया ।
श्री सुशीलकुमार शिंदे, माननीय केन्द्रीय विद्युत मंत्री ने सिक्किम में एनएचपीसी के 510 मेगावाट तीस्ता चरण-v पावर स्टेशन को राष्ट्र को समर्पित किया ।
श्री सुशीलकुमार शिंदे, माननीय केन्द्रीय विद्युत मंत्री ने एनएचडीसी की 520 मेगावाट ओंकारेश्वर जल विद्युत परियोजना को राष्ट्र को समर्पित किया-जोकि एनएचपीसी तथा मध्य प्रदेश सरकार की एक संयुक्त उद्यम है ।
मणिपुर में 66 मेगावाट लोकतक डाउन स्ट्रीम परियोजना के निष्पादन हेतु एक संयुक्त उद्यम कंपनी "लोकतक डाउनस्ट्रीम जल विद्युत निगम लिमिटेड का गठन " किया जिसमें एनएचपीसी की भागीदारी 74% और मणिपुर सरकार की 26% है ।
मणिपुर में 1500 मेगावाट की तिपाईमुख जल विद्युत (बहुउद्देशीय) परियोजना के क्रियान्वयन हेतु एक संयुक्त उद्यम कंपनी के गठन हेतु एसजेवीएन लिमिटेड और मणिपुर सरकार के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए । एनएचपीसी, एसजेवीएनएल तथा मणिपुर सरकार की भागीदारी क्रमश: 69%, 26% तथा 5% होगी ।
भूटान में मांगदेछू जल विद्युत परियोजना (720 मेगावाट) के निर्माण पूर्व गतिवि‍धयों हेतु इंजीनियरिंग तथा परामर्शी सेवाएं मुहैया करवाने के लिए भूटान की शाही सरकार के साथ समझौते पर हस्ताक्षर किए ।
भूटान में चमखारछू - I (670 मेगावाट) और कुरी-गोंगरी (1800 मेगावाट) के डीपीआर तैयार करने हेतु भूटान की शाही सरकार के साथ समझौतों पर हस्ताक्षर किए ।
म्यांमार में परामर्शी की कार्यों के रूप में 1200 मेगावाट तमंथी जल विद्युत परियोजना तथा 642 मेगावाट श्‍वेजाये जल विद्युत परियोजना हेतु अतिरिक्त अन्वेषण करने और अद्यतन विस्तृत परियोजना रिपोर्टें तैयार करने के लिए समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए ।
भारत की सबसे बड़ी जल विद्युत परियोजना, 2000 मेगावाट सुबानसिरी लोअर परियोजना हेतु उरूणाचल प्रदेश सरकार के साथ क्रियान्वयन समझौते पर हस्ताक्षर किए ।
"सत्यनिष्ठा समझौते" के क्रियान्वयन हेतु ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल इंडिया के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए ।
अरूणाचल प्रदेश में 600 मेगावाट तवांग-I तथा 800 मेगावाट तवांग-II और सिक्किम में 520 मेगावाट तीस्ता- IV हेतु डीपीआर को मंजूरी हेतु सीईए को प्रस्तुत किया । सीईए ने दिनांक 13 मई 2010 को तीस्‍ता - IV परियोजना हेतु मंजूरी दे दी है ।
तीस्ता- IV (520 मेगावाट), दिबांग बहुउद्देशीय परियोजना (3000 मेगावाट) और क्‍वार (520 मेगावाट) हेतु निर्माण पूर्व गतिवि‍धयों के लिए पर्यावरणीय स्वीकृति प्राप्त की ।
एनएचपीसी के तीस्ता-V पावर स्टेशन को स्वैच्छिक उत्सर्जन कमी योजना के अंतर्गत सफलतापूर्वक वैलिडेट किया गया है ।
उत्पादक परिसंपत्तियों के ईष्टतम उपयोग के दक्ष प्रबंधन और निर्माण परियोजनाओं के तेजी से क्रियान्वयन हेतु संगठन के भीतर उद्यम संसाधन आयोजना (ईआरपी) सॉफ्टवेयर का सफलतापूर्वक क्रियान्वयन किया।
राष्ट्रीय कौशल विकास मिशन के अंतर्गत पहले अपनाई गई तीन आईटीआई के अतिरिक्त आठ और आईटीआई (जम्मू एवं कश्मीर में 4, उत्तराखंड में 3 तथा अरूणाचल प्रदेश में 1) को अपनाया ।
पावर स्टेशनों के प्रचालन तथा अनुरक्षण से संबंधित 98.22% कर्मचारियों को वर्ष 2009-10 के दौरान प्रशिक्षित किया गया जबकि उत्कृष्ट रेटिंग हेतु समझौता ज्ञापन लक्ष्य 95% था ।
राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना के अंतर्गत 2700 गांवों का विद्युतीकरण किया तथा 6 लाख बीपीएल परिवारों को बिजली का कनेक्‍शन प्रदान किया ।
3603.93 करोड़ रुपए की अब तक की सबसे अधिक बिक्री वसूली प्राप्त की जोकि 2420.36 करोड़ रुपए की पिछले वर्ष की वसूली से 48.90 % अधिक है ।
4218.90 करोड़ रुपए अब तक का सबसे अधिक बिक्री टर्न-ओवर प्राप्त किया जोकि पिछले वर्ष के 2671.85 करोड़ रुपए के बिक्री आंकड़े से 57.90% अधिक है ।
2090.50 करोड़ रुपए का अब तक का सबसे अधिक कर पश्‍चात शुद्ध लाभ अर्जित किया जोकि वर्ष 2008-09 के दौरान अर्जित 1075.22 करोड़ रुपए के कर पश्‍चात शुद्ध लाभ से 94.43 % अधिक है ।
अप्रैल 2010
"पूर्वोत्तर क्षेत्र के विकास के लिए जल विद्युत के दोहन " विषय पर दिनांक 9 से 10 अप्रैल, 2010 तक इंडिया टेक फाउंडेशन द्वारा तवांग, अरूणाचल प्रदेश में आयोजित पांचवें " हाइड्रो पावर कन्वेशन" के दौरान अधोहस्ताक्षरी द्वारा मुख्य अभिभाषण दिया गया । माननीय केंद्रीय विद्युत राज्य मंत्री, श्री भरतसिंह सोलंकी इस कन्वेंशन के मुख्य अतिथि थे ।
टनकपुर पावर स्टेशन को 9वीं वार्षिक ग्रीनटैक सुरक्षा पुरस्कार गोल्ड कैटेगरी के लिए चुना गया है । यह पुरस्कार पावर स्टेशन में किए गए अग्नि सुरक्षा उपायों के लिए प्रदान किया गया है ।
माननीय केन्द्रीय विद्युत मंत्री, श्री सुशीलकुमार शिंदे की अध्यक्षता में विद्युत मंत्रियों का सम्मेलन दिनांक 28.04.2010 को नई दिल्ली में संपन्न हुआ । इस सम्मेलन में माननीय केन्द्रीय विद्युत मंत्री के अलावा माननीय केन्द्रीय विद्युत राज्य मंत्री श्री भरतसिंह सोलंकी, योजना आयोग के उपाध्यक्ष, राज्यों के माननीय मुख्य मंत्रियों तथा अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने भी भाग लिया ।
सम्मेलन के दौरान उत्पादन क्षमता अभिवृध्दि, खुली पहुंच, राज्य विद्युत बोर्डों को अलग करने, राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना, पुनर्गठित पीडीआरपी, ऊर्जा दक्षता, राज्य क्षेत्र में पारेषण तथा उप पारेषण तंत्र का विकास तथा आईपीपी से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया ।
मणिपुर की 1500 मेगावाट तिपाईमुख जलविद्युत (बहुउद्देशीय) परियोजना के क्रियान्वयन हेतु एक संयुक्त उद्यम कंपनी बनाने हेतु एनएचपीसी, एसजेवीएन लिमिटेड तथा मणिपुर राज्य सरकार के बीच एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए हैं । इस कंपनी में एनएचपीसी, एसजेवीएन लिमिटेड तथा मणिपुर राज्य सरकार की साझेदारी क्रमश: 69% , 26% तथा 5% होगी ।
इस समझौता ज्ञापन पर दिनांक 28.04.2010 को सीएमडीए एनएचपीसी लिमिटेड , श्री एच.के. शर्मा, सीएमडी,एसजेवीएन लिमिटेड तथा श्री एल.पी.गोनमै, प्रमुख सचिव (विद्युत), मणिपुर राज्य सरकार ने नई दिल्ली में हस्ताक्षर किए हैं । इस परियोजना की अनुमानित लागत सितंबर, 2008 के मूल्य स्तर पर 8,139 करोड़ रूपए है । इस परियोजना से 3806 मिलियन यूनिट वार्षिक उत्पादन होगा। सीसीईए से अनुमोदन प्राप्त होने की तिथि से 87 माह में इस परियोजना को पूरा करने का कार्यक्रम निर्धारित किया गया है ।
मार्च 2010
माह मार्च, 2010 के दौरान एनएचपीसी के सभी पावर स्टेशनों से 982 मिलियन यूनिट निर्धारित लक्ष्य की तुलना में 1153 मिलियन यूनिट विद्युत उत्पादन किया गया है| वर्ष 2009-10 के दौरान कम मानसून होने के बावजूद इस वर्ष का समेकित उत्पादन 16960 मिलियन यूनिट रहा है| वार्षिक समझौता ज्ञापन में उत्कृष्टता हेतु 17200 मिलियन यूनिट उत्पादन का लक्ष्य रखा गया था|
स्वच्छ विकास क्रियाविधि (सीडीएम) योजना के अन्तर्गत तीस्ता-v पावर स्टेशन स्वैच्छिक विकरण कमी (वीईआर) वैधता प्राप्त करने में सफल रहा है|
एनएचपीसी ने 13.03.2010 को विद्युत मंत्रलय, भारत सरकार के साथ वर्ष 2010-11 के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए है| गत वर्ष के लिए निर्धारित 17200 मिलियन यूनिट(एम.यू.) की तुलना में 18000 (एम.यू.) विद्युत उत्पादन का चुनौतीपूर्ण लक्ष्य कंपनी के लिए निर्धारित किया गया है| समझौता ज्ञापन में पॉंच परियोजनाओं के माध्यम से 692 मेगावाट की नई उत्पादन क्षमता जोड़े जाने का लक्ष्य भी रखा गया है|
विद्युत मंत्रलय और एनएचपीसी के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में श्री हरिशंकर ब्रहमा, सचिव (विद्युत), भारत सरकार और अद्योहस्ताक्षरी द्वारा इस समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए|
दिनांक 29.03.2010 को नई दिल्ली में माननीय केन्द्रीय मंत्री नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री, डा. फारूख अब्दुल्ला से मुलाकात का अवसर प्राप्त हुआ| इस मुलाकात के दौरान माननीय मंत्री महोदय से नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों के विकास में विशेषत: जम्मू व कश्मीर के संदर्भ में एनएचपीसी की भूमिका पर चर्चा हुई|
इस करार पर दिनांक 23.03.2010 को नई दिल्ली में श्री सुशीलकुमार शिंदे, माननीय केन्द्रीय विद्युत मंत्री एवं श्री लोयनपो खाण्डू वांग्चूक, माननीय मंत्री, मिनिस्ट्री ऑफ इकॉनामिक एफेयर्स, भूटान शाही सरकार की उपस्थिति में अधोहस्ताक्षरी और श्री येशी वांग्डी, महानिदेशक, ऊर्जा विभाग, भूटान शाही सरकार द्वारा हस्ताक्षर किया गया|
एनएचपीसी ने भूटान में मांगदेचू जल विद्युत परियोजना (720 मेगावाट) की निर्माण-पूर्व गतिविधियों से संबंधित इंजीनियरिंग व परामर्शी सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए ऊर्जा विभाग, भूटान शाही सरकार के साथ करार पर हस्ताक्षर किये है|
कार्य निष्पादन - वर्ष 2008-09
एनएचपीसी को भारत सरकार द्वारा ‘मिनी रत्‍न’ की उपाधि प्रदान की गई है।
कंपनी का नाम नैशनल हाइड्रोइलैक्ट्रिक पावर कारपोरेशन लिमिटेड से बदल कर एनएचपीसी लिमिटेड किया गया है तथा कंपनी का लोगो भी बदल दिया गया है।
उद्देश्‍य खंड में परिवर्तन कर इसे जल, वायु, भूतापीय, गैस से विद्युत उत्‍पादन की जगह परंपरागत और गैर परंपरागत स्रोतों से विद्युत उत्‍पादन करना किया गया है। तथापि तापीय विद्युत से संबंधित कार्यों/परियोजनाओं का क्रियान्‍वयन एनएचडीसी के माध्‍यम से किया जाना है।
एनएचपीसी की सहायक कंपनी, एनएचडीसी को 520 मेगावाट ओंकारेश्‍वर परियोजना को समय से पहले चालू करने हेतु राष्‍ट्रीय पुरस्‍कार वितरण समारोह में महामहिम राष्‍ट्रपति द्वारा विद्युत क्षेत्र में उत्‍कृष्‍ट निष्‍पादन हेतु ‘गोल्‍ड शील्‍ड’ से सम्‍मानित किया गया। एनएचडीसी से अब तक का सर्वाधिक लाभांश 50.42 करोड़ रूपए प्राप्‍त हुआ है।
एनएचपीसी ने 1,050 करोड़ रूपए (अस्‍थायी) का शुद्ध लाभ प्राप्‍त किया जो कि अब तक का सर्वाधिक तथा वर्ष 2007-08 के शुद्ध लाभ 1,004 करोड़ रूपए से 4.6 प्रतिशत अधिक है।
पिछले वर्ष के बिक्री कारोबार 2,301 करोड़ रूपए की तुलना में इस वर्ष अब तक का सर्वाधिक बिक्री कारोबार 2,562 करोड़ रूपए (अस्‍थायी) किया गया और इसमें 11.3 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
2,427.98 करोड़ रूपए की वास्‍तविक बिलिंग की तुलना में 2,420.36 करोड़ रूपए (99.69 प्रतिशत) की वसूली प्राप्‍त की गई।
पिछले वर्ष के पूँजी व्‍यय 2,568 करोड़ रूपए की तुलना 3,678 करोड़ रूपए का पूँजी व्‍यय किया गया अर्थात 43 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
स्‍वदेशी ऋण के लिए मैसर्स फिच से सर्वोच्‍च रेटिंग ‘एएए’ प्राप्‍त हुई है तथा विदेशी ऋण के लिए भी मैसर्स फिच एवं मैसर्स एस एंड पी से ‘बीबीबी-’ रेटिंग प्राप्‍त हुई है जो सोवरिन रेटिंग के समतुल्‍य है।
ग्‍यारहवीं योजना अवधि के दौरान एनएचपीसी की 21,600 करोड़ रूपए का पूँजी व्‍यय करने की योजना है।
पिछले वर्ष के विद्युत उत्‍पादन 14813 मिलियन यूनिट की तुलना में इस वर्ष 16690 मिलियन यूनिट विद्युत उत्‍पादन कर 12.69 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।
अगस्‍त 2008 में सेबी में अद्यतन रेड हेरिंग प्रास्‍पेक्‍टस फाईल किया गया था तथा दिनांक 18.09.2008 को सेबी से मंजूरी प्राप्‍त हुई थी। बाजार की विपरीत परिस्‍थितियों को देखते हुए आईपीओ को आस्‍थगित किया गया है।
पावर स्‍टेशनों द्वारा समझौता ज्ञापन में दिए गए लक्ष्‍य 92.50 प्रतिशत की तुलना में 93.61 प्रतिशत का कैपेसिटी इंडेक्‍स प्राप्‍त किया गया है।
सर्वाधिक लाभांश देने को तैयार।
वर्तमान पंचवर्षीय योजना के दौरान कंपनी ने 1030 मेगावाट की समेकित संस्‍थापित क्षमता (संयुक्‍त उद्यम की 520 मेगावाट ओंकारेश्‍वर तथा 510 मेगावाट तीस्‍ता-v) वाली दो परियोजनाओं को चालू किया है। एनएचपीसी केंद्रीय विद्युत क्षेत्र में इस अवधि के दौरान जल विद्युत अभिवृद्धि करने वाली एकमात्र केन्‍द्रीय सार्वजनिक क्षेत्र उद्यम (सीपीएसयू) है।
विद्युत मंत्रालय के साथ वर्ष 2007-08 के लिए हस्‍ताक्षरित समझौता ज्ञापन के लिए सार्वजनिक क्षेत्र के जल विद्युत विकास कर्ताओं में एनएचपीसी एकमात्र ऐसी कंपनी है जिसे ‘उत्‍कृष्‍ट’ रेटिंग प्रदान की गई है।
जम्‍मू व कश्‍मीर में चिनाब नदी घाटी में 2100 मेगावाट समेकित क्षमता वाली पकल दुल तथा अन्‍य परियोजनाओं का विकास संयुक्‍त उद्यम कंपनी बनाकर किए जाने हेतु एनएचपीसी, जेकेएसपीडीसी तथा पीटीसी के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्‍ताक्षर किए गए हैं।
चिदंविन नदी घाटी में जल विद्युत के विकास के मास्‍टर प्‍लान के अध्‍ययन तथा 1200 मेगावाट तमंथी जल विद्युत परियोजना व 642 मेगावाट, श्‍वेजाए जल विद्युत परियोजना की डीपीआर की समीक्षा हेतु म्‍यांमार संघ के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्‍ताक्षर किए गए हैं।
राष्‍ट्रीय स्‍तर पर विद्युत एक्‍सचेंज को स्‍थापित और प्रचालित कराने हेतु एनएचपीसी, एनटीपीसी, पीएफसी तथा टीसीएस के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्‍ताक्षर किए गए हैं।
भारत सरकार के विदेश मंत्रालय तथा रायल गवर्नमेंट ऑफ भूटान के ऊर्जा विभाग के लिए मंगदेचू बेसिन में 720 मेगावाट की मंगदेचू जल विद्युत परियोजना के निर्माण हेतु डीपीआर तैयार की गई है।
हाईड्रो पावर सैक्‍टर में इंडो-भूटान सहयोग के अंतर्गत 670 मेगावाट की चमकारचू-। तथा 1800 मेगावाट की कुरीगोंगरी परियोजनाओं के लिए डीपीआर तैयार करना।
जम्‍मू व कश्‍मीर की 330 मेगावाट किशनगंगा परियोजना के लिए पीआईबी की सिफारिशें और सरकार की मंजूरी प्राप्‍त हो गयी है।
मणिपुर की 66 मेगावाट लोकतक डाउनस्‍ट्रीम परियोजना का क्रियान्‍वयन संयुक्‍त उद्यम कंपनी बनाकर करने हेतु एनएचपीसी और मणिपुर राज्‍य सरकार के बीच प्रोमोटर्स करार पर हस्‍ताक्षर किए गए हैं।
भारत में क्रियान्‍वित की जाने वाली पहली टाइडल पावर परियोजना, दुर्गादुआनी मिनी टाइडल पावर परियोजना (3.75 मेगावाट) के क्रियान्‍वयन हेतु डब्‍लूबीआरईडीए से एलओआई प्राप्‍त हुआ है।
ताजिकिस्‍तान में बारजोब जल विद्युत प्‍लांट-। (2 x 3.67 मेगावाट) के पुनरूद्धार, आधुनिकीकरण तथा अपरेटिंग हेतु एमईए, एनएचपीसी तथा बीएचईएल के बीच करार पर हस्‍ताक्षर किए गए हैं।
अंडमान व निकोबार द्वीप समूह के ‘धनी खरी कंक्रीट बॉंध की ऊँचाई बढ़ाने’ का कार्य करने हेतु दिनांक 25.09.2008 को अंडमान व निकोबार प्रशासन के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्‍ताक्षर किए गए हैं।
जम्‍मू व कश्‍मीर के बगलिहार पावर स्‍टेशन के प्रचालन व अनुरक्षण हेतु जेकेएसपीडीसी के साथ करार पर हस्‍ताक्षर किए गए हैं।
तवांग में 110 करोड़ रूपए की लागत वाला एनएचपीसी कालेज ऑफ साइंस, टेकनालॉजी, आर्ट्स एंड कॉमर्स स्‍थापित करने हेतु अरूणाचल प्रदेश सरकार के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्‍ताक्षर किए गए हैं।
भारत की सबसे बड़ी जल विद्युत परियोजना सुबानसिरी लोअर जल विद्युत परियोजना (2000 मेगावाट) का निर्माण किया जा रहा है।
अरूणाचल प्रदेश में 3000 मेगावाट की दिबांग बहुउद्देशीय परियोजना का क्रियान्‍वयन किया जा रहा है।
उड़ीसा में जल विद्युत परियोजनाओं का विकास करने तथा महानदी पर बने बुरला पावर स्‍टेशन की दो यूनिटों (2 x 37.5 मेगावाट) के पुनरूद्धार तथा आधुनिकीकरण हेतु संयुक्‍त उद्यम कंपनी बनाने के उद्देश्‍य से उड़ीसा हाइड्रो पावर कारपोरेशन के साथ बैठक संपन्‍न हुई।
जम्‍मू व कश्‍मीर की निम्‍मो बाजगो (45 मेगावाट) तथा चुटक (44 मेगावाट) परियोजनाओं को सीडीएम एक्‍जक्‍युटिव बोर्ड ऑफ यूनाइटेड नेशन फ्रेम वर्क कन्‍वेंशन आन क्‍लाइमेट चेंज (यूएनएफसीसीसी) द्वारा पंजीकृत किया गया है।
एनएचपीसी की सहायक कम्‍पनी एनएचडीसी को मध्‍य प्रदेश सरकार द्वारा 1000 मेगावाट की तापीय विद्युत परियोजना की स्‍थापना का कार्य सौंपा गया है।
उद्यम संसाधन योजना (ईआरपी) को पूरे संगठन में क्रियान्‍वित किया जा रहा है।
एनएचपीसी के निदेशक मंडल में 6 स्‍वतंत्र निदेशकों की नियुक्‍ति की गई है।

 
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